कानपुर देहात: डकैत मंगली केवट को एके 47 रखने में दस साल कैद, पुलिस ने 2006 में बीहड़ से की थी बरामद
लूट, डकैती, अपहरण व हत्या के आरोपी मंगली केवट की निशानदेही पर पुलिस ने 17 जुलाई 2006 को बीहड़ से एके 47 व उसकी मैग्जीन बरामद की थी। प्रतिबंधित शस्त्र रखने में मंगली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विस्तार
डकैत मंगली केवट को कोर्ट ने एके 47 रखने का दोषी पाया है। शनिवार को न्यायाधीश ने उसे दस साल की कैद व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट 14वां वित्त आयोग के पास चल रही थी।
लूट, डकैती, अपहरण व हत्या के आरोपी मंगली केवट की निशानदेही पर पुलिस ने 17 जुलाई 2006 को बीहड़ से एके 47 व उसकी मैग्जीन बरामद की थी। प्रतिबंधित शस्त्र रखने में मंगली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद से वह लगातार जेल में निरुद्ध है। पहले वह कानपुर नगर की जेल में बंद रहा। अब छह वर्षों से वह माती जेल में बंद है। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट 14वां वित्त आयोग निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही थी।
निर्भय गूजर ने दी थी एके 47
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मंगली ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि निर्भय गूजर गैंग के सदस्य ने उसे एके 47 उपलब्ध कराई थी। गैंग लीडर होने की वजह से इसे वह स्वयं इस्तेमाल करता था। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने मंगली को प्रतिबंधित शस्त्र रखने का दोषी पाया। शनिवार को उसे 10 साल की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर मंगली को एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।