“सावधान”: साल भर में 142 लोगों ने गंवाई रकम, पुलिस एक भी एक केस नहीं सुलझा पाई, शातिर अपनाते हैं ये हथकंडे
पुलिस ने लोगों से साइबर ठगों से सावधान रहने की अपील की है। बताया गया है कि शातिर तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसलिए आप लोग लालच में न आएं। साथ ही, अंजान नंबरों से आने वाली फोन कॉल्स उठाने से बचें।
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साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और पुलिस इन पर लगाम कसने में नाकाम है। कभी इनाम निकलने, तो कभी लकी ड्रॉ का झांसा देकर निजी जानकारी लेते हैं। फिर खातों से रकम उड़ा लेते हैं। इस साल अब तक 142 लोग इनके जाल में फंसकर अपनी रकम गंवा चुके हैं। पुलिस एक भी केस नहीं सुलझा पाई।
वर्ष 2021 में जिले में 72 लोगों से ऑनलाइन ठगी हुई थी, जबकि इस साल 142 मामले सामने आ चुके हैं। अधिकांश लोगों को नौकरी, टावर, विदेश से गिफ्ट पार्सल का लालच, कस्टमर केयर नंबर तलाशने और क्रेडिट कार्ड सुविधा के नाम पर कॉल की गई। मामला दर्ज कर जब साइबर सेल जालसाजों की कुंडली खंगालती है तो झारखंड के जमताड़ा, बिहार के नालंदा, राजस्थान से लेकर श्रीलंका और नेपाल तक की लोकेशन मिलती है।
टॉवर लगवाने के नाम पर पांच लाख ठगे
सदर कोतवाली के जलालपुर पनवारा निवासी विपिन कुशवाहा ने 25 अगस्त 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर टॉवर और प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये का लालच दिया और पांच लाख रुपये एक खाते में जमा करा लिए। इसके बाद उसका नंबर ही बंद आता रहा।
क्रेडिट कार्ड के नाम पर 40 हजार का चूना
शहर के मोहल्ला कचहरी टोला निवासी विशाल गुप्ता ने 18 फरवरी 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि क्रेडिट कार्ड के नाम पर अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर ओटीपी नंबर पूछा। इसके कुछ देर बाद ही खाते से 40 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने खाता बंद कराकर पुलिस में केस दर्ज कराया। कोई लाभ नहीं हुआ।
खूब काटे चक्कर, हाथ लगी निराशा
शहर के तिर्वा क्रासिंग निवासी रितू से 2018 में विदेश से गिफ्ट भेजने का लालच देकर जालसाज ने 14 लाख की ठगी कर ली थी। इसी तरह 2020 में पुलिस लाइन में तैनात आगरा के सिपाही रोहित कुुमार से 85 हजार की ठगी हो गई थी। पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद रकम वापस नहीं हो सकी।
स्क्रीन पर अश्लील वीडियो बनाकर युवाओं को बना रहे शिकार
जालसाजों का गिरोह फेसबुक पर भी सक्रिय है। लड़कियों के नाम पर आईडी बनाकर शातिर पहले युवकों से दोस्ती कर नंबर मांगते हैं। इसके बाद व्हाट्स एप पर वीडियो कॉल करते हैं। कैमरे के सामने स्क्रीन पर अश्लील वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करके खातों में रकम डलवाते हैं।
24 घंटे में रिकवर होगी नकदी, इसी माह साइबर सेल का गठन
कन्नौज एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन में साइबर सेल का गठन हुआ। सेल में तैनात एसआई और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण के लिए आगरा और महोबा भेजा गया है। ठगी की शिकायत मिलते ही 24 घंटे में खातों से नकदी वापस कराई जाएगी। अगर किसी से ऑनलाइन ठगी होती है, तो वह तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकता है।
लालच की बला ही ठगी की अदा
साइबर एक्सपर्ट कुलदीप कुमार का कहना है कि कॉल सेंटरों की तरह साइबर ठगों ने सेल बना रखी हैं। लोगों को मोबाइल कर पहले यह प्रोफेशनल ढंग से बात करते हैं। लालच की बला महसूस कर यह ऑफर देकर ओटीपी पूछ लेते हैं। जालसाजों से बचने के लिए कभी भी किसी को ओटीपी न बताएं, मोबाइल सॉफ्टवेयर सावधानी से अपलोड करें। अंजान लोगों से चैटिंग व वीडियो कॉल बिल्कुल न करें।
दर्ज ठगी के मामलें
दिसंबर 08
नवंबर 12
अक्तूबर 19
सितंबर 08
अगस्त 06
जुलाई 15