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सीएसजेएमयू : स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी में प्रवेश शुरू
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कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी (एसएलएसबीटी) में सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र संस्थान में बीएससी (ऑनर्स) बायोटेक्नोलॉजी, बायोलॉजिकल साइंसेज, लाइफ साइंस, माइक्रोबायोलॉजी कॉम्बिनेशन, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।
विभाग की निदेशक डॉ. अनुराधा कालानी ने बताया कि संस्थान जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुणवत्तापरक शिक्षा, शोध और कौशल विकास के लिए जाना जाता है। सभी पाठ्यक्रम आधुनिक वैज्ञानिक और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए हैं। यहां विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण, शोध परियोजनाओं में भागीदारी, औद्योगिक भ्रमण और कार्यशालाओं के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।
सह-निदेशक डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि संस्थान के छात्रों ने नेट, गेट और आईआईटी-जैम जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है तथा कई प्रतिष्ठित कंपनियों और शोध संस्थानों में चयन हुआ है। यहां अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, उन्नत उपकरण और अनुभवी संकाय उपलब्ध हैं। नियमित सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कॅरिअर काउंसलिंग के माध्यम से छात्रों का समग्र विकास किया जा रहा है। यहां मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, कैंसर बायोलॉजी और पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों में शोध कार्य भी किए जा रहे हैं जो छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं।
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विभाग की निदेशक डॉ. अनुराधा कालानी ने बताया कि संस्थान जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुणवत्तापरक शिक्षा, शोध और कौशल विकास के लिए जाना जाता है। सभी पाठ्यक्रम आधुनिक वैज्ञानिक और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए हैं। यहां विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण, शोध परियोजनाओं में भागीदारी, औद्योगिक भ्रमण और कार्यशालाओं के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।
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सह-निदेशक डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि संस्थान के छात्रों ने नेट, गेट और आईआईटी-जैम जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है तथा कई प्रतिष्ठित कंपनियों और शोध संस्थानों में चयन हुआ है। यहां अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, उन्नत उपकरण और अनुभवी संकाय उपलब्ध हैं। नियमित सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कॅरिअर काउंसलिंग के माध्यम से छात्रों का समग्र विकास किया जा रहा है। यहां मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, कैंसर बायोलॉजी और पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों में शोध कार्य भी किए जा रहे हैं जो छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं।
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