फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   CSJMU administration on the backfoot due to discrepancies in exam results

बैकफुट पर सीएसजेएमयू प्रशासन: एक लाख छात्रों को मिलेगी राहत, पेपर्स की जांच के लिए बनी कमेटी

Fri, 23 Sep 2022 09:47 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 23 Sep 2022 09:47 AM IST
सार

छत्रपति शाहू जी महाराज विवि प्रशासन परीक्षा परिणामों में गड़बड़ियों को लेकर बैकफुट पर आ गया है। अब विवि कई कोर्सों के परिणाम दोबारा जारी करेगा। इससे एक लाख छात्रों को राहत मिलेगी। साथ ही, भौतिक-रसायन विज्ञान के पेपर की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
 

विज्ञापन
CSJMU administration on the backfoot due to discrepancies in exam results
सीएसजेएमयू - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में परीक्षा परिणाम में लगातार गड़बड़ियां सामने आने पर छत्रपति शाहू जी महाराज विवि प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। कई कोर्सों के परिणाम दोबारा जारी किए जाने की तैयारी है। इससे एक लाख छात्रों को राहत मिलेगी। वहीं, दो विषयों के पेपरों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। यह एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी, जिसके बाद परिणाम संशोधित किए जाएंगे।

विज्ञापन

विवि ने इस साल नई शिक्षा नीति जारी की थी। इसके तहत सेमेस्टर प्रणाली लागू कर परीक्षाएं कराई गई थीं। डिजिटल मूल्यांकन भी हुआ था। इस कारण परिणाम में तरह-तरह की खामियां सामने आई हैं। अंकपत्रों में इनकंप्लीट, इन, अनुपस्थित लिखकर कर आ रहा है।
विज्ञापन

कोरोना काल में पेपर देने और प्रमोट होने वाले स्नातक और परास्नातक के छात्र भी कम नंबर को लेकर परेशान हैं। बीएससी भौतिक और रसायन विज्ञान के छात्र भी कम अंक मिलने की शिकायत कर चुके हैं। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि छात्रों  की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। किसी भी छात्र का अहित नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

पेपर कितना कठिन था, जांच करेगी कमेटी
बीएससी फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रश्नपत्रों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। केमिस्ट्री की कमेटी में डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, क्राइस्ट चर्च कॉलेज की डॉ. मीतकमल द्विवेदी और बीएनडी की डॉ. रीता अवस्थी व फिजिक्स की कमेटी में डॉ. पीएस डोबाल, बीएनडी के एके अग्निहोत्री और डीबीएस की डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला लिया जाएगा कि पेपर कितना कठिन था और छात्रों को कितने अंक दिए जाएं।

फेल छात्रों को प्रमोट करने की तैयारी
कोरोना काल में प्रमोट होने वाले छात्रों की अलग-अलग समस्याएं थीं। कुछ ऐसे छात्र थे, जिन्होंने कोरोना काल में एक पेपर दिया, फिर उनको दूसरे साल के लिए प्रमोट किया गया। दूसरे साल में पेपर देकर तीसरे साल में आए गए। कोरोना काल में आदेश दिए गए थे कि छात्रों को दिए गए एक पेपर के आधार पर ही अंक दिए जाएंगे।

समस्या तब हुई जब पहले साल में छात्र फेल हो गए और बाकी दोनों साल में पास थे। ऐसे छात्रों की मार्कशीट अटकी थी। विवि ने समस्या को देखते हुए सभी को प्रमोट करने की तैयारी में है। जल्द ही मामला परीक्षा समिति में रखा जाएगा और उस पर मुहर लगेगी।

परास्नातक छात्रों को राहत मिलेगी
कोरोना काल में परास्नातक वर्ग में पहले साल प्रमोट होकर दूसरे साल में आने वाले छात्रों को आश्वासन दिया गया था कि दूसरे साल के अंक के आधार पर ही अंक दिए जाएंगे। लेकिन परिणाम में दूसरे साल में 61 फीसदी लाने वाले छात्र को पहले साल में 47 फीसदी ही अंक मिले। ऐसे हजारों छात्र थे। कुलपति ने बताया कि परिणाम में प्रैक्टिकल के अंकों को शामिल नहीं किया गया था। इन अंकों को शामिल कर दोबारा परिणाम जारी किया जाएगा।

कम हो सकती है बैक पेपर फीस
बैक पेपर के लिए प्रति पेपर 500 रुपये रखी गई है। कई दोनों सेमेस्टर में कई छात्रों की चार से पांच विषयों में बैक लगी है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्र फीस भर पाने में असमर्थ हैं। कुलपति ने फीस कम करने आ आश्वासन दिया है। कहा कि जल्द ही समिति में इस संबंध में फैसला लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed