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टीबी ग्रसित 50 बच्चों को गोद लेगा सीएसजेएम विश्वविद्यालय, दवाओं के साथ दिया जाएगा पोषक आहार
Sat, 14 Sep 2019 04:47 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 14 Sep 2019 04:47 PM IST
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सीएसजेएम विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शिक्षक और छात्र शहर में टीबी बीमारी से ग्रसित 50 बच्चों को गोद लेंगे। इन बच्चों को जागरूक किया जाएगा। दवाओं के साथ समय-समय पर पोषक आहार दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके लिए निर्देश दिया था। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विवि की सभी राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों को पत्र जारी कर आसपास के गांवों का सर्वे करने का निर्देश दिया है।
एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विवेक सचान और डॉ. रश्मि गोरे ने बताया कि कई गांवों का सर्वे किया जा रहा है। जहां टीबी मरीज से ग्रसित बच्चे मिलेंगे, उन्हें चिह्नित कर गोद लिया जाएगा। वहीं जिला क्षय रोग अधिकारी से भी शहर में टीबी ग्रसित मरीजों की सूची मांगी गई है। डॉ. सचान ने बताया कि गोद लिए गए बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय उठाएगा। ऐसे बच्चों को विवि प्रशासन की ओर से दवा, आहार के लिए आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
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विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके लिए निर्देश दिया था। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विवि की सभी राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों को पत्र जारी कर आसपास के गांवों का सर्वे करने का निर्देश दिया है।
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एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विवेक सचान और डॉ. रश्मि गोरे ने बताया कि कई गांवों का सर्वे किया जा रहा है। जहां टीबी मरीज से ग्रसित बच्चे मिलेंगे, उन्हें चिह्नित कर गोद लिया जाएगा। वहीं जिला क्षय रोग अधिकारी से भी शहर में टीबी ग्रसित मरीजों की सूची मांगी गई है। डॉ. सचान ने बताया कि गोद लिए गए बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय उठाएगा। ऐसे बच्चों को विवि प्रशासन की ओर से दवा, आहार के लिए आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
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