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सीएसजेएम विवि: प्रदर्शन के लिए आ रहे परिणाम से असंतुष्ट छात्रों को पुलिस ने गंगा बैराज पर रोका
Mon, 07 Feb 2022 02:35 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 07 Feb 2022 02:35 PM IST
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सीएसजेएमयू
- फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर में चैलेंज मूल्यांकन के परिणाम से असंतुष्ट प्रदर्शन के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय आ रहे उन्नाव सरस्वती मेडिकल कॉलेज के छात्रों को गंगा बैराज पर रोक लिया गया। करीब 200 छात्र बस से विश्वविद्यालय में वीसी से मिलने के लिए पहुंच रहे थे। छात्रों के प्रदर्शन की भनक लगते ही पुलिस ने उन्हें बैराज पर रोक दिया।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने नियम विरुद्ध चैलेंज मूल्यांकन की कॉपियां केवल एक ही प्रोफेसर से चेक करवाई गई हैं, जबकि नियम है कि कॉपियों को दो प्रोफेसर चेक करते हैं। आरोप है कि कई छात्रों को जानबूझकर फेल किया गया है।
28 जनवरी को विवि से संबद्ध मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के छात्रों ने चैलेंज मूल्यांकन का परिणाम घोषित न होने पर हंगामा किया था। छात्रों का आरोप था कि विवि बिना मूल्यांकन के परिणाम घोषित किए बिना एक फरवरी को दूसरे साल की परीक्षा देने का दबाव बना रहा है।
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जो नियमतः गलत है। छात्रों के हंगामे के बाद विवि बैकफुट पर आया और एक फरवरी से होने वाली परीक्षा निरस्त कर दी गई। चार फरवरी को परिणाम जारी होते ही छात्रों के होश उड़ गए। पिछली बार से भी उनको कम अंक मिले। उन्नाव कॉलेज के छात्र ने बताया कि जिस छात्र के 45 अंक थे उसको 11 नंबर मिले हैं, जिसके 38 नंबर थे, उसको 14 अंक मिले, 40 अंक वाले को 20 अंक दिए गए हैं।
केवल उन्नाव ही नहीं जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज सहित अन्य मेडिकल कॉलेज के छात्र भी शामिल है। छात्रों का कहना है कि 7 फरवरी तक आपत्तियां मांगी गई थी। उससे पहले ही विश्वविद्यालय ने परीक्षा की तिथि घोषित कर दी यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने नियम विरुद्ध चैलेंज मूल्यांकन की कॉपियां केवल एक ही प्रोफेसर से चेक करवाई गई हैं, जबकि नियम है कि कॉपियों को दो प्रोफेसर चेक करते हैं। आरोप है कि कई छात्रों को जानबूझकर फेल किया गया है।
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28 जनवरी को विवि से संबद्ध मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के छात्रों ने चैलेंज मूल्यांकन का परिणाम घोषित न होने पर हंगामा किया था। छात्रों का आरोप था कि विवि बिना मूल्यांकन के परिणाम घोषित किए बिना एक फरवरी को दूसरे साल की परीक्षा देने का दबाव बना रहा है।
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जो नियमतः गलत है। छात्रों के हंगामे के बाद विवि बैकफुट पर आया और एक फरवरी से होने वाली परीक्षा निरस्त कर दी गई। चार फरवरी को परिणाम जारी होते ही छात्रों के होश उड़ गए। पिछली बार से भी उनको कम अंक मिले। उन्नाव कॉलेज के छात्र ने बताया कि जिस छात्र के 45 अंक थे उसको 11 नंबर मिले हैं, जिसके 38 नंबर थे, उसको 14 अंक मिले, 40 अंक वाले को 20 अंक दिए गए हैं।
केवल उन्नाव ही नहीं जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज सहित अन्य मेडिकल कॉलेज के छात्र भी शामिल है। छात्रों का कहना है कि 7 फरवरी तक आपत्तियां मांगी गई थी। उससे पहले ही विश्वविद्यालय ने परीक्षा की तिथि घोषित कर दी यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।