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Kanpur News: मेडिकल कॉलेज में सीएसएफ जांच शुरू, जल्द आईपीएचएल लैब का होगा संचालन

Thu, 30 Jul 2026 01:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Thu, 30 Jul 2026 01:24 AM IST
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CSF testing begins at the medical college; IPHL lab to become operational soon.
कानपुर देहात। मरीजों की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज अकबरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाया जा रहा है। मंगलवार से सीएसएफ (सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड) जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है।
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अगस्त माह के दूसरे सप्ताह तक तक इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब शुरू किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। स्टाफ और संसाधन को पहले ही पूरा किया जा चुका है। इस लैब में 117 प्रकार की जांच हो सकेगी। एक ही छत के नीचे मरीजों को सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) के शुरू होने से मरीजों को कई स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में सेंट्रल लैब, इमरजेंसी लैब में जांचें हो रही हैं। यहां हर रोज करीब 1000 से अधिक मरीजों की जांच की जा रही है। इसके संचालन के बाद बीएसएल लैब को भी इसी लैब में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस पहल से अस्पताल आने वाले मरीजों को सहूलियत होगी। आईपीएचएल लैब जिला अस्पताल के पुराने भवन के प्रथम तल पर संंचालित की जाएगी। डॉ. मसूद को इसका नोडल बनाया गया है।
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24 घंटे मिलेगी 117 जांच की सुविधा
इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में संचारी और गैर संचारी रोगों से जुड़ी जांच 24 घंटे होंगी। इस प्रयोगशाला में सभी प्रोग्राम के लैब टेक्नीशियन एक ही जगह काम करेंगे। लैब शुरू होने से पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलाॅजी, बायोकेमिस्ट्री से जुड़ी सभी जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें रुटीन और विशेष जांच भी शामिल रहेंगी। यह सभी जांचें सामान्य से लेकर गंभीर रोगों के निदान में सहायक होंगी।
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क्या है सीएसएफ जांच
गंभीर संक्रमणों के लिए सीएसएफ (सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड) जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे दिमागी बुखार और टीबी मेनिनजाइटिस जैसे गंभीर रोगों का समय पर पता चलता है। अस्पताल में बुखार के मरीजों मेंं वायरस का पता लगाने के लिए यह जांच कराई जाती है। अभी तक यह सुविधा मेडिकल कॉलेज में नहीं थी।

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बयान....
संंचारी रोग की शुरुआत हो रही है। मेडिकल कॉलेज में मरीज भी पहुंच रहे हैं। अभी तक सीएसएफ जांच की सुविधा शुरू नहीं थी, इसे मंगलवार से शुरू करा दिया गया है। इससे वायरस के प्रकार का सही पता कर दिमागी बुखार, वायरल और अन्य तरह के बुखार के मरीजों का बेहतर इलाज किया जा सकेगा। आईपीएचएल लैब के संचालन को लेकर तैयारी की गई है। इसके लिए तीन अगस्त को बैठक की जाएगी। इसे हर हाल में 15 अगस्त से पहले शुरू करा दिया जाएगा। इसके साथ ही बालरोग इमरजेंसी, आईसीयू का संचालन भी शुरू कराया जाएगा। - डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता, प्राचार्य
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