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सीएसए के वैज्ञानिक ने विकसित की मसूर की नई प्रजाति, किसानों की होगी मोटी कमाई
Sat, 07 Sep 2019 05:44 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 07 Sep 2019 05:44 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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कानपुर स्थित सीएसए के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कटियार ने शेखर-8 नाम से मसूर की नई प्रजाति विकसित की है। यह फसल बुंदेलखंड के किसानों के लिए काफी लाभदायक होगी। दानों का आकार बड़ा होगा और रंग भूरा होगा।
डॉ. कटियार ने बताया कि अगर इसकी समय से बुआई की जाए तो 16 से 18 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज होगी। खास बात है कि 105 से 115 दिनों में ही यह फसल तैयार हो जाएगी। यह प्रजाति उकठा और रतुओ रोगरोधी भी है। डॉ. कटियार ने बताया कि अभी तक जो फसलें होती थीं, उन्हें तैयार होने में 130 से 150 दिन तक लग जाते थे।
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डॉ. कटियार ने बताया कि अगर इसकी समय से बुआई की जाए तो 16 से 18 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज होगी। खास बात है कि 105 से 115 दिनों में ही यह फसल तैयार हो जाएगी। यह प्रजाति उकठा और रतुओ रोगरोधी भी है। डॉ. कटियार ने बताया कि अभी तक जो फसलें होती थीं, उन्हें तैयार होने में 130 से 150 दिन तक लग जाते थे।
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