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खेत भ्ारे, फसल सड़ने की कगार पर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Wed, 04 Mar 2015 01:04 AM IST
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जिले में तीन हो से जारी बारिश के चलते किसानों को फसलों के नुकसान की
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चिंता सताने लगी है। मंगलवार को भी देहात के कई स्थानों पर रिमझिम बारिश
होती रही।
बारिश के चलते खेतों में खड़ी गेहूं, लाही, सरसों, मटर, अरहर, मसूर आदि की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश ने कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रही। मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि पछुवा हवाएं चलने से बादल बने रहेंगे। बुधवार को हल्की बारिश होने की आशंका है।
गत तीन दिनों से मौसम में अचानक बने कम दबाव से हवाआें का रुख बदल गया। जिले में झमाझम बारिश शुरू हो गई। जोरदार बारिश के चलते खेत, खलिहान, गलियां, सड़कों पर जलभराव हो गया।
मंगलवार को भी जिले के कई स्थानों पर रिमझिम बारिश हुई। वहीं पछुवा हवाओें का कहर लगातार जारी रहा। किसान बदलू पाल, रामऔतार, सरजू कुमार आदि ने बताया कि गत तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते चना, मटर, मसूर, अरहर, आलू, गेहूं व आम को भी नुकसान पहुंचा है। अगर अभी भी बारिश का कहर नहीं थमा तो उनकी बर्बादी होना तय है। झमाझम बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रही।
बारिश के चलते खेतों में खड़ी गेहूं, लाही, सरसों, मटर, अरहर, मसूर आदि की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश ने कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रही। मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि पछुवा हवाएं चलने से बादल बने रहेंगे। बुधवार को हल्की बारिश होने की आशंका है।
गत तीन दिनों से मौसम में अचानक बने कम दबाव से हवाआें का रुख बदल गया। जिले में झमाझम बारिश शुरू हो गई। जोरदार बारिश के चलते खेत, खलिहान, गलियां, सड़कों पर जलभराव हो गया।
मंगलवार को भी जिले के कई स्थानों पर रिमझिम बारिश हुई। वहीं पछुवा हवाओें का कहर लगातार जारी रहा। किसान बदलू पाल, रामऔतार, सरजू कुमार आदि ने बताया कि गत तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते चना, मटर, मसूर, अरहर, आलू, गेहूं व आम को भी नुकसान पहुंचा है। अगर अभी भी बारिश का कहर नहीं थमा तो उनकी बर्बादी होना तय है। झमाझम बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रही।