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हीरामनपुरवा में युवक की हत्या, बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 20 Jan 2015 02:34 AM IST
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बेकनगंज के हीरामनपुरवा में लेनदेन के विवाद का समझौता कराने गए रवि कनौजिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हत्या की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने इलाकाई लोगों के साथ हैलट इमरजेंसी और बजरिया थाने के बाहर जमकर हंगामा किया। आरोपी के घर पर भी कुछ लोगों ने पथराव किया।
इस दौरान करीब चार घंटे तक रवि का शव हैलट इमरजेंसी में पड़ा रहा।
बवाल की सूचना पर कार्यवाहक एसपी पूर्वी रोहित मिश्र, एसपी पश्चिम हरीशचंदर पीएसी, पुलिस ऑफिस के कर्मचारियों समेत कई थाने की फोर्स, रिजर्व फोर्स और स्वॉट टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
बवाल कर रहे लोगों को समझाने के बाद अधिकारियों ने शाम करीब सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शव को हैलट इमरजेंसी से अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
इधर रवि की मां और पिता थाने में परिजनों के साथ हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। रवि कनौजिया (25) बकरमंडी लाइन के पास रहने वाले घनश्याम कनौजिया का सबसे छोटा बेटा था।
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वह बजरिया थाने के सामने रहने वाले अरशद की हर्ष नगर और जीटी रोड स्थित आरएस कार डीलर की दुकानों का कामकाज संभालता था।
अरशद का बेकनगंज के हीरामन पुरवा में रहने वाले अपने साले सैफी उर्फ मोहम्मद नूरुल से लेनदेन का विवाद चल रहा है।
अरशद ने पुलिस को बताया कि रविवार रात सैफी ने उसके घर आकर गाली गलौज करते हुए विवाद सुलटाने की धमकी दी। सोमवार सुबह भी उसने हंगामा किया।
पत्नी ने फोन पर यह सूचना दी तो वह दोपहर में बेटे यासिर, भतीजे शाहद और रवि के साथ साले सैफी के घर पहुंचे। बकौल अरशद बातचीत के दौरान सैफी भड़क गया और पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
उनके साथ यासिर और शाहद ने इधर-उधर छिपकर अपनी जान बचा ली लेकिन रवि गोली लगने से वहीं गिर गया। उसे खून से लथपथ देख सैफी पिस्टल लहराते हुए भाग गया।
यासिर और शाहद घायल रवि को उर्सला लेकर पहुंचे जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रवि की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां विमला, भाई सुनील, अरविंद और बहन सुनीता के साथ बड़ी संख्या में मोहल्ले वाले हैलट पहुंचे और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
इधर मोहल्ले के लोगों ने हीरामनपुरवा जाकर सैफी के घर पर पथराव कर दिया। लोगों का गुस्सा देख सैफी और उसका परिवार घर छोड़कर भाग निकला।
इसके बाद लोगों ने अरशद के घर के बाहर भी हंगामा किया। देर रात खबर लिखे जाने तक लोग बजरिया थाने, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर डटे रहे।
बवाल के मद्देजर हैलट, पोस्टमार्टम हाउस, आरोपियों और रवि के घर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है।
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हत्या की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने इलाकाई लोगों के साथ हैलट इमरजेंसी और बजरिया थाने के बाहर जमकर हंगामा किया। आरोपी के घर पर भी कुछ लोगों ने पथराव किया।
इस दौरान करीब चार घंटे तक रवि का शव हैलट इमरजेंसी में पड़ा रहा।
बवाल की सूचना पर कार्यवाहक एसपी पूर्वी रोहित मिश्र, एसपी पश्चिम हरीशचंदर पीएसी, पुलिस ऑफिस के कर्मचारियों समेत कई थाने की फोर्स, रिजर्व फोर्स और स्वॉट टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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बवाल कर रहे लोगों को समझाने के बाद अधिकारियों ने शाम करीब सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शव को हैलट इमरजेंसी से अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
इधर रवि की मां और पिता थाने में परिजनों के साथ हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। रवि कनौजिया (25) बकरमंडी लाइन के पास रहने वाले घनश्याम कनौजिया का सबसे छोटा बेटा था।
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वह बजरिया थाने के सामने रहने वाले अरशद की हर्ष नगर और जीटी रोड स्थित आरएस कार डीलर की दुकानों का कामकाज संभालता था।
अरशद का बेकनगंज के हीरामन पुरवा में रहने वाले अपने साले सैफी उर्फ मोहम्मद नूरुल से लेनदेन का विवाद चल रहा है।
अरशद ने पुलिस को बताया कि रविवार रात सैफी ने उसके घर आकर गाली गलौज करते हुए विवाद सुलटाने की धमकी दी। सोमवार सुबह भी उसने हंगामा किया।
पत्नी ने फोन पर यह सूचना दी तो वह दोपहर में बेटे यासिर, भतीजे शाहद और रवि के साथ साले सैफी के घर पहुंचे। बकौल अरशद बातचीत के दौरान सैफी भड़क गया और पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
उनके साथ यासिर और शाहद ने इधर-उधर छिपकर अपनी जान बचा ली लेकिन रवि गोली लगने से वहीं गिर गया। उसे खून से लथपथ देख सैफी पिस्टल लहराते हुए भाग गया।
यासिर और शाहद घायल रवि को उर्सला लेकर पहुंचे जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रवि की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां विमला, भाई सुनील, अरविंद और बहन सुनीता के साथ बड़ी संख्या में मोहल्ले वाले हैलट पहुंचे और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
इधर मोहल्ले के लोगों ने हीरामनपुरवा जाकर सैफी के घर पर पथराव कर दिया। लोगों का गुस्सा देख सैफी और उसका परिवार घर छोड़कर भाग निकला।
इसके बाद लोगों ने अरशद के घर के बाहर भी हंगामा किया। देर रात खबर लिखे जाने तक लोग बजरिया थाने, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर डटे रहे।
बवाल के मद्देजर हैलट, पोस्टमार्टम हाउस, आरोपियों और रवि के घर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है।