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व्यापमं घोटाले में इनामी बिचौलिया गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 04 Feb 2015 02:30 AM IST
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एमपी एसआईटी ने व्यापमं घोटाले में वांछित पांच हजार के इनामी बिचौलिए खूब सिंह को सोमवार शाम हमीरपुर (राठ) से गिरफ्तार किया।
खूब सिंह पर आरोप है कि उसने कानपुर और लखनऊ मेडिकल कॉलेज के कई स्टूडेंट्स को एग्जाम में शामिल कराने के लिए एमपी के विभिन्न जिलों में भेजा। कुछ समय पहले एसआईटी ने उस पर इनाम भी घोषित किया था।
इसके साथ ही मंगलवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का स्टूडेंट राजदेव एमपी एसटीएफ के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचे। वहां कई सवालों का जवाब न दे पाने की वजह से एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। व्यापमं घोटाले में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के गिरफ्तार स्टूडेंट्स की संख्या 13 हो गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कई स्टूडेंट्स उसका नाम ले चुके हैं।
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एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक उसने पूछताछ में एमपी के कई लोगों के नाम और कई मेडिकल स्टूडेंट्स के नाम बताए हैं। इन स्टूडेंट्स की लिस्ट तैयार कर नोटिस जारी किया जाएगा।
प्राक्टर डॉ. जीडी यादव ने कहा कि जिन स्टूडेंट्स को नोटिस दिया गया है, उन्हें अपना पक्ष रखने जाना चाहिए। प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव ने बताया कि सागर एसआईटी ने सोमवार को 2010 बैच के राजा राधिका रमण, अमरेश सिंह और 2011 बैच के लवलेश सिंह का नाम सौंपा है।
सभी को पांच फरवरी को सागर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। यह स्टूडेंट्स हॉस्टल में नहीं हैं। इनके कमरों के बाहर नोटिस चस्पा करा दी गई है।
एमपी के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डॉ. जगदीश सागर पीएमटी में पास कराने के नाम पर 20-25 लाख रुपये लेता था। इन रुपयों में से स्टूडेंट्स को देने के लिए तीन से पांच लाख रुपये की बात होती थी।
दो लाख रुपये स्टूडेंट्स को ले आने वालों को मिलते थे। बाकी बचे रुपये डॉ. जगदीश अधिकारियों से सेटिंग के नाम पर रखता था।
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खूब सिंह पर आरोप है कि उसने कानपुर और लखनऊ मेडिकल कॉलेज के कई स्टूडेंट्स को एग्जाम में शामिल कराने के लिए एमपी के विभिन्न जिलों में भेजा। कुछ समय पहले एसआईटी ने उस पर इनाम भी घोषित किया था।
इसके साथ ही मंगलवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का स्टूडेंट राजदेव एमपी एसटीएफ के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचे। वहां कई सवालों का जवाब न दे पाने की वजह से एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। व्यापमं घोटाले में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के गिरफ्तार स्टूडेंट्स की संख्या 13 हो गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कई स्टूडेंट्स उसका नाम ले चुके हैं।
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एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक उसने पूछताछ में एमपी के कई लोगों के नाम और कई मेडिकल स्टूडेंट्स के नाम बताए हैं। इन स्टूडेंट्स की लिस्ट तैयार कर नोटिस जारी किया जाएगा।
प्राक्टर डॉ. जीडी यादव ने कहा कि जिन स्टूडेंट्स को नोटिस दिया गया है, उन्हें अपना पक्ष रखने जाना चाहिए। प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव ने बताया कि सागर एसआईटी ने सोमवार को 2010 बैच के राजा राधिका रमण, अमरेश सिंह और 2011 बैच के लवलेश सिंह का नाम सौंपा है।
सभी को पांच फरवरी को सागर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। यह स्टूडेंट्स हॉस्टल में नहीं हैं। इनके कमरों के बाहर नोटिस चस्पा करा दी गई है।
एमपी के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डॉ. जगदीश सागर पीएमटी में पास कराने के नाम पर 20-25 लाख रुपये लेता था। इन रुपयों में से स्टूडेंट्स को देने के लिए तीन से पांच लाख रुपये की बात होती थी।
दो लाख रुपये स्टूडेंट्स को ले आने वालों को मिलते थे। बाकी बचे रुपये डॉ. जगदीश अधिकारियों से सेटिंग के नाम पर रखता था।