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बिल्हौर के गांव में दिखा बाघ!
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 29 Nov 2014 03:28 AM IST
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सैबसू गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार शाम राढ़ा गांव के जंगल में बाघ देखने का दावा किया है। खेत में काम कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि बाघ देखकर शोर मचाते हुए भागे तो वह जंगल में घुस गया।
उधर बिल्हौर एसडीएम ने इसे अफवाह बताया है।
शुक्रवार दोपहर दो बजे अचानक बिल्हौर तहसील के अधिकारियों के फोन पर सैबसू गांव में बाघ आने की सूचना आने लगी।
आनन-फानन वन अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश भी जारी हुए। दोपहर ढाई बजे के करीब गांव पहुंचने पर चौपाल लगाए बैठे सतीश बाजपेई, दिनेश अगिभनहोत्री, गया प्रसाद, राज आदि ने बताया कि गुरुवार शाम गांव के राधे बढ़ई ने अपने आलू के खेतों से सटे राढ़ा गांव के जंगल में बाघ को देखा है।
उसने आवाज लगाई तो ग्रामीण दौड़े, लेकिन घना जंगल होने से लोग अंदर नहीं घुस सके। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ आने से दहशत है।
लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। आलू के खेतों में होने वाला काम प्रभावित हो रहा है। गांव के आस-पास कटरी के अलावा सेंग, राढा गांव का घना जंगल है।
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गंगा कटरी से लगे निवादा मंजू, मतलबपुर जुलाहा, रायपुर, असनी निवादा, सेंग, कल्लू पुरवा आदि ने बताया िककि गांवों में भी बाघ आने की दहशत है। इसके बावजूद अभी तक वन अधिकारी गांव नहीं पहुंचे हैं।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने बताया कि क्षेत्र के आसपास इलाकों में बाघ आने की अफवाह का दायरा बढ़ रहा है।
सैबसू गांव में भी बाघ आने की अफवाह फैल गई है। वन विभाग के अधिकारियों को गांव भेजा गया है।
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उधर बिल्हौर एसडीएम ने इसे अफवाह बताया है।
शुक्रवार दोपहर दो बजे अचानक बिल्हौर तहसील के अधिकारियों के फोन पर सैबसू गांव में बाघ आने की सूचना आने लगी।
आनन-फानन वन अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश भी जारी हुए। दोपहर ढाई बजे के करीब गांव पहुंचने पर चौपाल लगाए बैठे सतीश बाजपेई, दिनेश अगिभनहोत्री, गया प्रसाद, राज आदि ने बताया कि गुरुवार शाम गांव के राधे बढ़ई ने अपने आलू के खेतों से सटे राढ़ा गांव के जंगल में बाघ को देखा है।
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उसने आवाज लगाई तो ग्रामीण दौड़े, लेकिन घना जंगल होने से लोग अंदर नहीं घुस सके। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ आने से दहशत है।
लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। आलू के खेतों में होने वाला काम प्रभावित हो रहा है। गांव के आस-पास कटरी के अलावा सेंग, राढा गांव का घना जंगल है।
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गंगा कटरी से लगे निवादा मंजू, मतलबपुर जुलाहा, रायपुर, असनी निवादा, सेंग, कल्लू पुरवा आदि ने बताया िककि गांवों में भी बाघ आने की दहशत है। इसके बावजूद अभी तक वन अधिकारी गांव नहीं पहुंचे हैं।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने बताया कि क्षेत्र के आसपास इलाकों में बाघ आने की अफवाह का दायरा बढ़ रहा है।
सैबसू गांव में भी बाघ आने की अफवाह फैल गई है। वन विभाग के अधिकारियों को गांव भेजा गया है।