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अब चलेगा ज्योति मर्डर केस का ट्रायल
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 08 Jan 2015 03:08 AM IST
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अब ज्योति मर्डर केस में ट्रायल शुरू होगा। सीएमएम सत्यदेव गुप्ता की कोर्ट ने फाइल कमिट करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की नकल देने की अर्जी खारिज करने के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में दाखिल रिवीजन पर फैसला न आने तक फाइल कमिट न करने की दलील को खारिज कर दिया।
बुधवार को ज्योति हत्याकांड में अभियुक्त पीयूष श्यामदासानी, मनीषा मखीजा, अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। पीयूष के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम, चचेरे भाई मुकेश और कमलेश भी कोर्ट में हाजिर हुए।
मनीषा मखीजा के वकील कमलेश पाठक ने कोर्ट में कहा कि इस कोर्ट ने सबूतों की सभी नकल न देने तक फाइल कमिट न करने की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ जिला जज कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया गया है।
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इसलिए जब तक इस रिवीजन अर्जी पर जिला जज कोर्ट का फैसला नहीं आता है तब तक फाइल कमिट करने का आदेश न किया जाए। अभियोजन पक्ष और ज्योति के वकील आरके सिंह व दामोदर मिश्र ने इस पर विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि फाइल कमिट होने से रोकने के लिए बचाव पक्ष यह दलील दे रहा है। अगर जिला जज की कोर्ट में रिवीजन दाखिल है तो फाइल कमिट कर दी जाए। जिला जज कोर्ट में दोनों मामले एक साथ सुने जा सकते हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें और तर्क सुनने के बाद में कोर्ट ने फाइल कमिट करने का आदेश दे दिया।
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बुधवार को ज्योति हत्याकांड में अभियुक्त पीयूष श्यामदासानी, मनीषा मखीजा, अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। पीयूष के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम, चचेरे भाई मुकेश और कमलेश भी कोर्ट में हाजिर हुए।
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मनीषा मखीजा के वकील कमलेश पाठक ने कोर्ट में कहा कि इस कोर्ट ने सबूतों की सभी नकल न देने तक फाइल कमिट न करने की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ जिला जज कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया गया है।
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इसलिए जब तक इस रिवीजन अर्जी पर जिला जज कोर्ट का फैसला नहीं आता है तब तक फाइल कमिट करने का आदेश न किया जाए। अभियोजन पक्ष और ज्योति के वकील आरके सिंह व दामोदर मिश्र ने इस पर विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि फाइल कमिट होने से रोकने के लिए बचाव पक्ष यह दलील दे रहा है। अगर जिला जज की कोर्ट में रिवीजन दाखिल है तो फाइल कमिट कर दी जाए। जिला जज कोर्ट में दोनों मामले एक साथ सुने जा सकते हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें और तर्क सुनने के बाद में कोर्ट ने फाइल कमिट करने का आदेश दे दिया।