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‘ऑपरेशन कानपुर’ के बाद एनआईए और एटीएस की सख्ती का असर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:40 AM IST
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‘ऑपरेशन कानपुर’ के बाद एनआईए और एटीएस की सख्ती का असर अब जिले की पुलिस पर भी दिखने लगा है। आतंकियों को कारतूस सप्लाई करने के मामले में गन हाउस मालिक राघवेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी के बाद पड़ताल में सामने आया है कि कानपुर की 88 असलहा दुकानों में सिर्फ 44 के ही लाइसेंस रिन्यूवल हुए हैं। बाकी में तीन माह बाद भी सत्यापन रिपोर्ट नहीं लग सकी है।
आतंकियों को कारतूस सप्लाई करने वाली शस्त्र की दुकान एलआरएस आर्म्स एंड एम्युनिशन, गीतानगर के लाइसेंस की अवधि 2016 में खत्म हो गई थी। गन हाउस संचालक के आवेदन करने के बाद सत्यापन रिपोर्ट न लगने से लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हो सका। यह बानगीभर है। जिले की 88 असलहा दुकानों में 44 के ही लाइसेंस रिन्यूवल हुए हैं। बाकी के लाइसेंस रिन्यूवल के आवेदनों पर तीन माह बाद भी सत्यापन रिपोर्ट नहीं लग सकी है।
हालांकि असलहा विभाग का दावा है कि लाइसेंस रिन्यूवल प्रक्रिया में चालान जमा होने के बाद आवेदन की प्रक्रिया चालू होने के कारण शस्त्र दुकानों की खरीद और बिक्री मान्य रहती है। इसके चलते कोई भी शस्त्र दुकानदार रायफल, रिवाल्वर, पिस्टल पर दो-दो हजार कारतूस की खरीद कर सकता है। इसके बाद बिक्री हुए कारतूस की मात्रा के बराबर और खरीद सकता है। इसके इतर कई बार कारतूस की अवैध बिक्री का भी खुलासा हो चुका है। इसके चलते पिछले माह प्रिज्म गन हाउस मेस्टन रोड का लाइसेंस निलंबित किया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट एपी सिंह का कहना है कि आवेदन मिलने के एक साल के अंदर तक रिन्यूवल का नियम है।
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रिन्यूवल बाद नहीं होता सत्यापन
यह भी खुलासा हुआ है कि लाइसेंस रिन्यूवल के समय तो दुकानों का सत्यापन होता है लेकिन इसके बाद सालभर किसी भी एसीएम ने किसी भी दुकान का सत्यापन नहीं किया है। असलहा विभाग का दावा है कि पुलिस और एसीएम की सत्यापन रिपोर्ट अभी तक न आने से रिन्यूवल नहीं हो सके हैं।
एडीएम सिटी ने तलब की रिपोर्ट
एडीएम सिटी केपी सिंह ने आतंकियों को कारतूस सप्लाई करने के मामले में एलआरएस आर्म्स एंड एम्युनिशन गीतानगर की रिपोर्ट तलब की है। सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम 6 और सीओ को पत्र लिखकर कहा है कि ज्वैलर्स की दुकान में असलहे की दुकान कैसे चल रही थी। क्या कभी इस दुकान के स्टाक का सत्यापन किया गया था। अगर किया गया था तो उसकी रिपोर्ट दी जाए। एडीएम सिटी ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
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आतंकियों को कारतूस सप्लाई करने वाली शस्त्र की दुकान एलआरएस आर्म्स एंड एम्युनिशन, गीतानगर के लाइसेंस की अवधि 2016 में खत्म हो गई थी। गन हाउस संचालक के आवेदन करने के बाद सत्यापन रिपोर्ट न लगने से लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हो सका। यह बानगीभर है। जिले की 88 असलहा दुकानों में 44 के ही लाइसेंस रिन्यूवल हुए हैं। बाकी के लाइसेंस रिन्यूवल के आवेदनों पर तीन माह बाद भी सत्यापन रिपोर्ट नहीं लग सकी है।
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हालांकि असलहा विभाग का दावा है कि लाइसेंस रिन्यूवल प्रक्रिया में चालान जमा होने के बाद आवेदन की प्रक्रिया चालू होने के कारण शस्त्र दुकानों की खरीद और बिक्री मान्य रहती है। इसके चलते कोई भी शस्त्र दुकानदार रायफल, रिवाल्वर, पिस्टल पर दो-दो हजार कारतूस की खरीद कर सकता है। इसके बाद बिक्री हुए कारतूस की मात्रा के बराबर और खरीद सकता है। इसके इतर कई बार कारतूस की अवैध बिक्री का भी खुलासा हो चुका है। इसके चलते पिछले माह प्रिज्म गन हाउस मेस्टन रोड का लाइसेंस निलंबित किया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट एपी सिंह का कहना है कि आवेदन मिलने के एक साल के अंदर तक रिन्यूवल का नियम है।
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रिन्यूवल बाद नहीं होता सत्यापन
यह भी खुलासा हुआ है कि लाइसेंस रिन्यूवल के समय तो दुकानों का सत्यापन होता है लेकिन इसके बाद सालभर किसी भी एसीएम ने किसी भी दुकान का सत्यापन नहीं किया है। असलहा विभाग का दावा है कि पुलिस और एसीएम की सत्यापन रिपोर्ट अभी तक न आने से रिन्यूवल नहीं हो सके हैं।
एडीएम सिटी ने तलब की रिपोर्ट
एडीएम सिटी केपी सिंह ने आतंकियों को कारतूस सप्लाई करने के मामले में एलआरएस आर्म्स एंड एम्युनिशन गीतानगर की रिपोर्ट तलब की है। सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम 6 और सीओ को पत्र लिखकर कहा है कि ज्वैलर्स की दुकान में असलहे की दुकान कैसे चल रही थी। क्या कभी इस दुकान के स्टाक का सत्यापन किया गया था। अगर किया गया था तो उसकी रिपोर्ट दी जाए। एडीएम सिटी ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।