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राजू के घर तलाशे रेल हादसे के सुराग

Sun, 22 Jan 2017 08:56 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 22 Jan 2017 08:56 AM IST
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rajus house searched for clues to train collision
जांच टीम तलाश रही है सुराग
कानपुर कोयला नगर में स्क्रैप कारोबारी राजू खान हत्याकांड को पुखरायां रेल हादसे से जोड़कर पुलिस ने देखना शुरू कर दिया है। शनिवार को एसपी पूर्वी सोमेंद्र वर्मा फोरेंसिक टीम के साथ राजू के घर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने क्राइम सीन रि-कांस्ट्रक्शन कराया। तीन घंटे तक राजू के घर और गोदाम की छानबीन की। परिवार के लोगों से अलग-अलग पूछताछ की। पुलिस के हाथ कुछ क्लू लगे हैं। अफसरों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला लूट का कम, हत्या का ज्यादा प्रतीत हो रहा है। विस्तार से जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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8 जनवरी को आधी रात के बाद नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर कोयला नगर निवासी राजू खान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाश जेवर और नगदी लूटकर भाग निकले थे। पुलिस अभी तक इसे लूट और हत्या का मामला मान रही थी लेकिन रेल हादसे में आईएसआई का नाम आने और राजू का मूल निवास भी मोतिहारी (बिहार) होने से पुलिस हत्या का लिंक पुखरायां रेल हादसे से जोड़कर देखने लगी है। इसी वजह से घटना के 12 दिन बाद शनिवार दोपहर एसपी पूर्वी, चकेरी इंस्पेक्टर, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम के संग राजू खान के घर पहुंचे। जैसे-जैसे घटनाक्रम बताया गया, पुलिस ने वैसे ही सीन क्रिएट किए। इसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने राजू के घर और गोदाम की छानबीन भी की। एसपी ने राजू के भाई शाकिर, बेटे अरमान और पत्नी समेत कई लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई। सूत्रों का कहना है कि राजू के परिजनों से कुछ मोबाइल नंबर मांगे गए थे, जिन्हें अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। सूत्रों का कहना है कि एटीएस और एनआईए भी गुपचुप तरीके से राजू हत्याकांड की वजह खंगालने में जुट गई है।
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दीपक और कमरुद्दीन की तलाश में जुटी एटीएस
पुखरायां रेल हादसे में आतंकी साजिश का खुलासा होने के बाद अब आतंकी-नक्सली गठजोड़ को देखते हुए नक्सली दीपक राम की सरगर्मी से तलाश शुरू हो गई है। एटीएस टीम ने शहर के अफसरों और जेल से दीपक के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। एटीएस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि दीपक राम कहां का बाशिंदा है और इस वक्त वह कहां हैं। इतना ही नहीं पुलिस अफसर बिठूर से लापता बांग्लादेशी कमरुद्दीन की सुरागरशी में भी लग गए हैं। 
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पुखरायां ट्रेन हादसे की साजिश में शामिल अपराधी दीपक राम के नेपाल में मारे जाने के बाद से नया मोड़ आ गया है क्योंकि कानपुर में 8 फरवरी 2010 को जो आठ नक्सली पकड़े गए थे, उनमें भी एक का नाम भी दीपक राम था। वो दीपक राम जमानत पर छूट चुका है और अब कहां है, पुलिस को नहीं मालूम। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं नेपाल में मारा गया दीपक राम और नक्सली दीपक राम एक ही व्यक्ति तो नहीं हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि नक्सली दीपक राम जेल से छूटने के बाद आईएसआई से मिल गया हो।
उधर, 31 दिसंबर की आधी रात के बाद मंधना में ट्रेन पलटाने की साजिश का खुलासा होने के बाद से संदिग्ध बांग्लादेशी कमरुद्दीन गायब है। वह 10 जनवरी को मंधना में बांग्लादेशियों की बस्ती में ठिकाना खोजने आया था। कमरुद्दीन के गुम होने की बात सामने आने पर पुलिस और एटीएस की टीम को उसके बारे में पता लगाने में जुट गई है।
जांच को आ सकती है एनआईए टीम
कानपुर देहात के पुखरायां में रेलवे ट्रैक या ट्रेन को विस्फोटक से उड़ाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। शुक्रवार को कानपुर और लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने संयुक्त रूप से पुखरायां में रेलवे ट्रैक और क्षतिग्रस्त बोगियों की पड़ताल की, लेकिन न तो विस्फोटक और न ही प्रेशर कुकर के पार्टिकिल मिले। एक्सपर्ट ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट एसपी कानपुर देहात प्रभाकर चौधरी समेत कई आला अफसरों को सौंप दी है। टीम एक हफ्ते बाद विस्तृत रिपोर्ट अफसरों को सौंपेगी। उधर, सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से एनआईए टीम भी जांच के लिए जल्द पुखरायां और रूरा आ सकती है।

बिहार के मोतिहारी में गिरफ्तार आईएसआई एजेंट के गुर्गे मोती पासवान ने पुखरायां में ट्रेन पलटाने के लिए 10 किलो के प्रेशर कुकर में आईईडी ब्लास्ट किए जाने की बात कबूली थी। उसकी बातों की पुष्टि के लिए डीजीपी ने शुक्रवार को लखनऊ से एटीएस फोरेंसिक टीम पुखरायां और रूरा रेलवे ट्रैक और क्षतिग्रस्त बोगियों की जांच के लिए भेजी। इसके बाद कानपुर नगर और देहात की फोरेंसिक टीम ने संयुक्त रूप से दोनों स्थानों पर पड़ताल की, लेकिन वहां विस्फोटक जैसे कोई साक्ष्य नहीं मिले। कानपुर देहात के एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि लखनऊ से फोरेंसिक टीम में एनआईए से डेपुटेशन पर आए एक्सपर्ट भी शामिल थे। टीम ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दी है, जिसमें ट्रैक को प्रेशर कुकर से उड़ाए जाने की पुष्टि नहीं होने की बात लिखी है। 
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