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शर्मनाक: किशोरी से दुष्कर्म, चार माह की हुई गर्भवती, 32 घंटे इलाज के लिए भटकी
Mon, 05 Jul 2021 09:07 PM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, भीतरगांव
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, भीतरगांव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 05 Jul 2021 09:07 PM IST
सार
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, 30 जून को किशोरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे ब्लीडिंग होने लगी। परिजनों के पूछने पर उसने बताया कि फरवरी में उसके पड़ोसी रूप सिंह ने बहाने से घर बुलाया था। नशीला स्प्रे सुंघाकर बेहोश कर दिया था। बेहोशी के दौरान दुष्कर्म कर उसका वीडियो बना लिया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भीतरगांव के साढ़ थानाक्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ सगे भाइयों ने दुष्कर्म किया। गर्भवती होने पर आरोपियों ने उसे गर्भपात की गोलियां खिला दीं। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई, तो रविवार को मुकदमा दर्ज कराया।
संवेदनहीन सिस्टम के आगे लाचार परिजन किशोरी का इलाज कराने के लिए 32 घंटे भटकते रहे। सोमवार शाम को एसडीएम और इंस्पेक्टर के हस्तक्षेप के बाद उसे कांशीराम ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया, जहां से उसे हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया।
यहां उसकी हालत गंभीर बताई गई है। पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, 30 जून को किशोरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे ब्लीडिंग होने लगी। परिजनों के पूछने पर उसने बताया कि फरवरी में उसके पड़ोसी रूप सिंह ने बहाने से घर बुलाया था।
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नशीला स्प्रे सुंघाकर बेहोश कर दिया था। बेहोशी के दौरान दुष्कर्म कर उसका वीडियो बना लिया था। किशोरी ने बताया कि आरोपी ने उसे धमका दिया था, जिससे उसने घर पर किसी को नहीं बताया। उसके बाद आरोपी ने ब्लैकमेल कर उससे कई बार दुष्कर्म किया। रूप सिंह के छोटे भाई गुलबदन सिंह ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
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संवेदनहीन सिस्टम के आगे लाचार परिजन किशोरी का इलाज कराने के लिए 32 घंटे भटकते रहे। सोमवार शाम को एसडीएम और इंस्पेक्टर के हस्तक्षेप के बाद उसे कांशीराम ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया, जहां से उसे हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया।
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यहां उसकी हालत गंभीर बताई गई है। पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, 30 जून को किशोरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे ब्लीडिंग होने लगी। परिजनों के पूछने पर उसने बताया कि फरवरी में उसके पड़ोसी रूप सिंह ने बहाने से घर बुलाया था।
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नशीला स्प्रे सुंघाकर बेहोश कर दिया था। बेहोशी के दौरान दुष्कर्म कर उसका वीडियो बना लिया था। किशोरी ने बताया कि आरोपी ने उसे धमका दिया था, जिससे उसने घर पर किसी को नहीं बताया। उसके बाद आरोपी ने ब्लैकमेल कर उससे कई बार दुष्कर्म किया। रूप सिंह के छोटे भाई गुलबदन सिंह ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
वो चार महीने की गर्भवती हो गई, जब उसने ये बात रूप सिंह से बताई तो उसने 29 जून को गर्भपात की गोलियां खिला दीं। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों पर सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस बोली, जहां चाहो, इलाज कराओ
परिजनों ने बताया कि 30 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद एक डॉक्टर को दिखाया था, तब हालत में कुछ सुधार हो गया था। लोकलाज के चलते पुलिस को सूचना नहीं दी थी। तीन जुलाई को दोबारा तबीयत बिगड़ी तो वे उसे लेकर फिर से डॉक्टर के पास पहुंचे। रविवार सुबह करीब 11 बजे थाने पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस केस दर्ज किया और कांशीराम ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल कराकर पीड़िता को थाने ले जाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सोमवार सुबह दोबारा मेडिकल कराया गया। उसके बाद पुलिस ने कहा कि अब जहां चाहो, वहां इलाज कराओ।
डफरिन अस्पताल में नहीं किया भर्ती
मेडिकल के बाद परिजन सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे किशोरी को लेकर डफरिन अस्पताल पहुंचे। यहां अस्पताल प्रशासन ने कहा कि कांशीराम अस्पताल में मेडिकल हुआ, इसलिए किशोरी भर्ती भी वहीं होगी। शाम करीब साढ़े पांच बजे जब एसडीएम और इंस्पेक्टर डफरिन पहुंचे, तब भी यहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उसे कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे यहां से हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया। इस तरह परिजन किशोरी को गंभीर हालत में लेकर करीब 32 घंटे भटकते रहे। रविवार सुबह 11 बजे किशोरी जब थाने पहुंची थी, उसे तभी अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत थी।
पुलिस बोली, जहां चाहो, इलाज कराओ
परिजनों ने बताया कि 30 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद एक डॉक्टर को दिखाया था, तब हालत में कुछ सुधार हो गया था। लोकलाज के चलते पुलिस को सूचना नहीं दी थी। तीन जुलाई को दोबारा तबीयत बिगड़ी तो वे उसे लेकर फिर से डॉक्टर के पास पहुंचे। रविवार सुबह करीब 11 बजे थाने पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस केस दर्ज किया और कांशीराम ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल कराकर पीड़िता को थाने ले जाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सोमवार सुबह दोबारा मेडिकल कराया गया। उसके बाद पुलिस ने कहा कि अब जहां चाहो, वहां इलाज कराओ।
डफरिन अस्पताल में नहीं किया भर्ती
मेडिकल के बाद परिजन सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे किशोरी को लेकर डफरिन अस्पताल पहुंचे। यहां अस्पताल प्रशासन ने कहा कि कांशीराम अस्पताल में मेडिकल हुआ, इसलिए किशोरी भर्ती भी वहीं होगी। शाम करीब साढ़े पांच बजे जब एसडीएम और इंस्पेक्टर डफरिन पहुंचे, तब भी यहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उसे कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे यहां से हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया। इस तरह परिजन किशोरी को गंभीर हालत में लेकर करीब 32 घंटे भटकते रहे। रविवार सुबह 11 बजे किशोरी जब थाने पहुंची थी, उसे तभी अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत थी।