माता-पिता को डंडे से पीट रहा था युवक, पड़ाेसी ने राेका ताे कर दी हत्या
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आसीवन के मुरव्वतपुर गांव निवासी मुन्ना (43) पुत्र रामनाथ यादव का पास के ही पेसारी गांव में भूसा का व्यापार है। वह इन दिनों पुआल खरीदने के बाद भूसा बनाकर कानपुर में बेचता था। वह अक्सर अपने कारखाने में ही रुकता था। परिवार के लोग कानपुर के लाल बंगला में रहते हैं।
मंगलवार देर रात पेसारी गांव निवासी अजय उर्फ पुतान अपने पिता लखमी यादव व अन्य परिजनों से झगड़ा कर रहा था। इसी दौरान अजय ने अपनी मां सरजूदेई (55) पर हमला कर दिया। मां को बचाने पहुंचे छोटे भाई अंकित (25) को भी लहूलुहान कर दिया।
पिता ने शोर मचाया तो अजय उन्हें भी मारने दौड़ा। लखमी के चीखने की आवाज सुनकर पास में ही कारखाने में सो रहा मुन्ना भागकर पहुंचा। वह अजय को समझाने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान अजय ने मुन्ना पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर मरणासन्न कर दिया।
चीखपुकार सुनकर ग्रामीण पहुंचे तो वह भाग निकला। ग्रामीणों ने मुन्ना के परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद गांव के लोग घायलों को मियागंज स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां डाक्टर ने मुन्ना को मृत घोषित कर दिया। सरजूदेई भी गंभीर रूप से घायल हाे गईं थी।
उन्हें ट्रामासेंटर रेफर कर दिया गया। अंकित का स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने आरोपी अजय को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। आसीवन थानाध्यक्ष नारदमुनि यादव ने बताया कि मृतक की पत्नी मुन्नी की तहरीर पर अजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हत्या के बाद जांच करने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने बताया कि अजय आए दिन नशे की हालत में माता-पिता को पीटता था। किसी के बचाने पर उसे भी पीट देता था। माता-पिता ने कभी इसकी शिकायत थाने में नहीं की। शिकायत की होती तो अजय हत्या जैसा अपराध नहीं करता।
मुरव्वतपुर निवासी मुन्ना कई सालों से पेसारी गांव में मशीन लगाकर पुआल को भूसा बनाकर बेचने का काम करता था। मुन्ना के खाने पीने की व्यवस्था अजय के माता-पिता ही करते थे। इससे मुन्ना को परिवार से खास लगाव था। अजय को माता-पिता को पीटता देखकर मुन्ना बचाव करने पहुंचा था।
मुन्ना का परिवार कानपुर के लाल बंगला में रहता है। परिवार में मृतक की पत्नी मुन्नी के अलावा पांच बच्चे हैं। बेटी करिश्मा, आकांक्षा, रुचि बेटे विक्रम व सुमित हैं। पति की मौत की सूचना मिलते ही पत्नी मुन्नी बेसुध हो गई। बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। मुन्ना ही पूरे परिवार का भरण-पोषण करता था।