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कानपुर: आशुतोष अपहरण-हत्याकांड में चार को उम्रकैद, एक बरी, सभी आरोपियों पर सवा लाख रुपये जुर्माना भी

Mon, 16 Dec 2019 09:39 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 16 Dec 2019 09:39 PM IST
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life imprisonment to four people in Ashutosh kidnapping murder case, one acquitted
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के मैनेजर के 11 वर्षीय बेटे आशुतोष के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी चार लोगों को अपर जिला जज 14 मो.रफी ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्तों पर 1.25 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने एक महिला आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया जबकि एक अन्य आरोपी का मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।
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नौबस्ता निवासी बैंक मैनेजर धर्मपाल सिंह का बेटा आशुतोष 8 जून 2016 की शाम वाई ब्लॉक स्थित कोचिंग पढ़ने गया था। आशुतोष कोचिंग से पेंसिल लाने के लिए बाहर निकला तभी उसका कार सवारों ने अपहरण कर लिया था।  थोड़ी देर बाद अपहरणकर्ताओं ने पिता के फोन पर आशुतोष के अपहरण की बात कहते हुए 25 लाख रुपये फिरौती मांगी थी।
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धर्मपाल ने नौबस्ता थाने में अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। खुलासे के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया था। नौ दिन बाद 17 जून को आशुतोष की मौसी के देवर-देवरानी समेत पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर किया गया था लेकिन तब तक अभियुक्तों ने आशुतोष की हत्या कर शव को जला दिया था।

पुलिस को कानपुर देहात के बलई मोड़ स्थित नहर पुलिया के नीचे से आशुतोष की राख बरामद हुई थी। आसपास की झाड़ियों से आशुतोष की डायरी, कपड़े, बेल्ट का बक्कल, हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा आदि बरामद किया गया था।

एडीजीसी गौरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आशुतोष की मौसी के देवर प्रकाश वर्मा, देवरानी रौनक उर्फ रोशनी, शेरा उर्फ साहिल, अतीक खां, संगीता दिवाकर व एक नाबालिग के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। नाबालिग का मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।

अभियोजन की ओर से धर्मपाल व बहन तान्या समेत 14 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने प्रकाश, रौनक, शेरा और अतीक को सजा सुनाई जबकि पर्याप्त सबूत न होने के आधार पर संगीता को दोषमुक्त करार दिया है।
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