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शातिर सुपारी किलर गिरफ्तार, कोर्ट में मुलाकात के दौरान मिलना था टार्गेट का नाम-पता
Tue, 18 Dec 2018 08:00 PM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Tue, 18 Dec 2018 08:00 PM IST
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डेमो पिक
स्क्रैप व्यापारी के अपहरण व कई लूटों में शामिल रहे अपराधी को स्वाट टीम व उन्नाव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अपराधी से पुलिस ने एक तमंचा व पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि पकड़ा गया युवक उन्नाव में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। उसने जेल में बंद अपने साथी से हत्या की सुपारी ली थी। पुलिस लाइन में एसपी हरीश कुमार ने बताया कि कानपुर के ईडब्ल्यूएस बर्रा निवासी धीरज गुप्ता ने वर्ष 2014 में गुजरात के स्क्रैप व्यापारी शशि अग्रवाल का साथियों के साथ अपहरण किया था। इसके बदले उसने परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती वसूली थी।
इसके अलावा 12 सितंबर 2016 को सदर कोतवाली के एबी नगर में साथियों के साथ सराफा कारोबारी आशीष सोनी व प्रमोद सोनी को गोली मारकर पांच लाख रुपये के जेवर लूट लिए थे। इसके एक माह बाद ही धीरज ने मौरावां के अकोहरी में सराफ राजकुमार पासी को गोली मार 53 हजार रुपये नगद व 40 ग्राम सोना लूटा था। लगातार लूट की घटनाओं को अंजाम देकर वह पुलिस के लिए मुसीबत बन गया था। एक साल पूर्व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इसी साल 15 मई को उसे जमानत पर रिहा किया गया था। छूटने के बाद ही 24 मई को कानपुर के चकेरी में उसने दीप्ति मेहरा पत्नी मनीष मेहरा से कानपुर के लाल बंगला में सोने की चेन लूट ली थी। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि धीरज जिले में है। स्वाट टीम व माखी पुलिस ने चकलवंशी पुलिया से धीरज को एक तमंचा व पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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हत्या की मिली थी सुपारी
पुलिस सूत्रों की मानें तो धीरज को उसके एक साथी जो जेल में बंद है उसने ही हत्या की सुपारी दी थी। दो दिन बाद धीरज की उससे न्यायालय में मुलाकात होनी थी। मुलाकात के दौरान ही साथी धीरज को उस व्यक्ति का नाम पता बताता जिसकी हत्या की जानी थी। इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
साथियों की होगी गिरफ्तारी
पुलिस को पूछताछ में धीरज ने अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं जो जिले में व आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धीरज के नेटवर्क में मौजूद अपराधियों की तलाश में जल्द दबिश दी जाएगी।
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इसके अलावा 12 सितंबर 2016 को सदर कोतवाली के एबी नगर में साथियों के साथ सराफा कारोबारी आशीष सोनी व प्रमोद सोनी को गोली मारकर पांच लाख रुपये के जेवर लूट लिए थे। इसके एक माह बाद ही धीरज ने मौरावां के अकोहरी में सराफ राजकुमार पासी को गोली मार 53 हजार रुपये नगद व 40 ग्राम सोना लूटा था। लगातार लूट की घटनाओं को अंजाम देकर वह पुलिस के लिए मुसीबत बन गया था। एक साल पूर्व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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इसी साल 15 मई को उसे जमानत पर रिहा किया गया था। छूटने के बाद ही 24 मई को कानपुर के चकेरी में उसने दीप्ति मेहरा पत्नी मनीष मेहरा से कानपुर के लाल बंगला में सोने की चेन लूट ली थी। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि धीरज जिले में है। स्वाट टीम व माखी पुलिस ने चकलवंशी पुलिया से धीरज को एक तमंचा व पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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हत्या की मिली थी सुपारी
पुलिस सूत्रों की मानें तो धीरज को उसके एक साथी जो जेल में बंद है उसने ही हत्या की सुपारी दी थी। दो दिन बाद धीरज की उससे न्यायालय में मुलाकात होनी थी। मुलाकात के दौरान ही साथी धीरज को उस व्यक्ति का नाम पता बताता जिसकी हत्या की जानी थी। इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
साथियों की होगी गिरफ्तारी
पुलिस को पूछताछ में धीरज ने अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं जो जिले में व आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धीरज के नेटवर्क में मौजूद अपराधियों की तलाश में जल्द दबिश दी जाएगी।