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जूनियर डॉक्टरों ने लेक्चरर को पीटा, मां को कैंची मारी

Tue, 06 Jan 2015 04:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Tue, 06 Jan 2015 04:09 AM IST
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Jr . doctors removed the patient in Hospital .
तमाम आदेश-निर्देश, मानवीयता का पाठ, अफसरों की फटकार और जनता की गुहार, सब बेकार। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अराजकता से बाज नहीं आ रहे।
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सोमवार को  बुजुर्ग नाना का इलाज करने की गुहार लगाने पर जूनियर डॉक्टरों ने एक डिग्री कालेज के लेक्चरर और कैंसर से पीड़ित उनकी मां को जमकर पीटा। मां को कैंची मारकर घायल भी कर दिया।

अन्य स्टाफ की मदद से कार से लेक्चरर का अपहरण करके जान से मारने की धमकी दी। नाना के हाथ से वीगो खींचकर उन्हें वार्ड से निकाल दिया। वीगो खींचने से बुजुर्ग के हाथ से भल-भल खून बहता रहा लेकिन डॉक्टर नहीं पसीजे।
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बाद में मेडिकल कॉलेज और पुलिस के अफसरों ने स्थिति को संभाला। इस घटना के तीन घंटे बाद जूनियर डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती एक महिला के तीमारदारों को भी पीटा।
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मरीज से भी बदसलूकी की। दोपहर में इस मरीज का हालचाल लेने भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले आए थे और उन्होंने मेडिकल कालेज प्रिंसिपल से मरीज का ख्याल रखने की सिफारिश की थी। सिफारिश के बदले में मार मिली।

मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने एक जूनियर डॉक्टर को फिलहाल एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच के लिए मेडिसन विभागाध्यक्ष संजय वर्मा की अध्यक्षता में चार डॉक्टरों की टीम गठित की है।

राजेंद्र नगर उरई निवासी राम शंकर श्रीवास्तव (80) को सुबह करीब सात बजे परिजन बेहोशी की हालत में हैलट इमरजेंसी ले कर पहुंचे। ईएमओ ने उन्हें फौरन मेडिसन विभाग के डॉ. गौरव गुप्ता के अंडर में भर्ती कराया। जूनियर डॉक्टर ने राम शंकर को ग्लूकोज की बोतल लगा दी।

इसके बाद ब्लड की जांच कराने के लिए लिख दिया। इसी बीच रामशंकर के नाती उन्नाव के गांधी नगर निवासी और डीएसएन कॉलेज, उन्नाव के लेक्चरर आदेश श्रीवास्तव अपनी मां मधुर श्रीवास्तव के साथ हैलट पहुंच गए।

आदेश ने बताया कि सुबह से दोपहर तक कई बार नाना की तबियत बिगड़ी। उन्होंने जूनियर डॉक्टरों से नाना को देखने की गुहार लगाई। हर बार डॉक्टरों ने यह कहकर टाल दिया कि ब्लड की जांच रिपोर्ट आने पर इलाज किया जाएगा।

आदेश के मुताबिक दोपहर करीब तीन बजे वह हैलट पैथोलॉजी से नाना की ब्लड रिपोर्ट लेकर जूनियर डॉक्टरों के पास गए तो डॉक्टरों ने कहा कि मरीज के बेड पर चलो, अभी आते हैं।

आधे घंटे तक डॉक्टर नहीं आए तो वह दोबारा जूनियर डॉक्टरों के पास गए और नाना को देखने को कहा। बस इतना कहते ही जेआर वन डॉ. चिराग और डॉ. नईम गाली बकते हुए उन्हें पीटने लगे।

भाग जाने को कहा। डॉक्टरों का गुस्सा देख वह इमरजेंसी के बाहर आ गए। इसके बाद डॉ चिराग और डॉ. नईम ने मां मधुर से फोन कराकर उन्हें भीतर बुलाया। वह नाना के बेड के पास पहुंचे तो डॉ. चिराग, डॉ. नईम ने उनकी पिटाई शुरू कर दी।

वार्ड ब्वाय पप्पू, लकी और गार्ड वेद प्रकाश से भी उन्हें पिटवाया। कैंसर पीड़ित मां मधुर बचाने दौड़ीं तो डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा। मां को कैंची मारकर जख्मी कर दिया।


डॉक्टरों को मारपीट करता देख तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। इमरजेंसी में भर्ती दूसरे मरीजों के तीमारदार भी दुबक गए।

बवाल की सूचना पर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार, हैलट के एसआईसी डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमएस डॉ. सीएस सिंह, इमरजेंसी प्रभारी डॉ. आरएल महीप समेत कई सीनियर डॉक्टर, सीओ स्वरूप नगर ममता कुरील, स्वरूप नगर एसएसआई रामप्रकाश, काकादेव और नवाबगंज थानों का फोर्स हैलट पहुंचा।

प्रिंसिपल और सीओ ने समझा-बुझाकर आक्रोशित तीमारदारों को शांत कराया।
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