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रुपयों के लिए पिता को मार डाला

Mon, 14 Sep 2015 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Mon, 14 Sep 2015 02:06 AM IST
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Father killed for money

छह दिन पहले साहदुल्लापुर (पीएसी रोड) में घर में अकेले बुजुर्ग पान विक्रेता चंद्रशेखर की हत्या उनके ही सगे बेटे अनुराग उर्फ रिंकू ने की थी। पुलिस ने उसे रामादेवी सब्जी मंडी से गिरफ्तार करने का दावा किया।

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बताया कि अनुराग ने कबूल किया है कि उसने 10,000 रुपये न देने पर पिता को मार डाला। वह घर में बैग में रखे 15 लाख रुपये लेकर भागा था लेकिन वह रकम उसका साथी चकमा देकर ले गया। पुलिस अब साथी की तलाश में जुटी है।
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चकेरी के साहदुल्लापुर में रविवार रात चंद्रशेखर पांडेय (77) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी और बक्से में रखे 15 लाख रुपये लूट लिए गए थे। उन्होंने एक महीने पहले गांव में डेढ़ बीघा जमीन बेची थी, उसका पैसा घर में ही रखा था। छानबीन में खोजी कुत्ते के हाथ चाटने, बार-बार करीब आने पर बेटा अनुराग उर्फ रिंकू लापता हो गया था।
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तभी से पुलिस उसे खोज रही थी। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि अनुराग चाहता था कि पिता उसे रुपये दे दें, जिसे वह प्रापर्टी खरीद-फरोख्त में लगा सके। घटना से एक दिन पहले वह अपने दोस्त औंग(फतेहपुर) निवासी अमित सिंह के परिवार को लेकर चित्रकूट गया था। खुद दो कारें बुक कराई थीं।

एक कार का पेमेंट हो गया था लेकिन दूसरी कार का पेमेंट नहीं कर पाया था। छह सितंबर की रात वह साहदुल्लापुर आया और रोड पर ही कार वाले को रोक दिया। घर पहुंचा तो दरवाजा खुला था।  इंस्पेक्टर ने बताया कि अनुराग ने पिता से 10,000 रुपये मांगे, कहा कि कार वाले को देने हैं। पिता के इंकार करने पर दोनों में कहासुनी हुई।

पिता ने थप्पड़ मारा तो अनुराग ने पिता के गले में पड़ा गमछा पकड़कर उन्हें गिरा दिया और चाकू से गला रेत दिया। बक्से में रखा रुपयों से भरा बैग उठाकर भाग निकला। कार से वह दोबारा अमित के घर औंग पहुंचा। वहां दरवाजा बंद होने की वजह से कार में ही सो गया।

सुबह हत्या की खबर मिली तो अनजान होने का नाटक कर कार ड्राइवर को झांसे में लिया और फिर साहदुल्लापुर आ गया। इस बार भी कार वाले को पीएसी मोड़ के पास ही रोक दिया था।

ड्राइवर को बैग पकड़ाते हुए कहा था कि इसे संभाल कर रखना। उधर, घटनास्थल पर शक होने पर अनुराग भागा तो कार चालक पहले ही रफूचक्कर हो चुका था। वह कार ड्राइवर को तलाशने रामादेवी आया था तभी दबोच लिया गया।

पत्नी के सिर में गोली मारी
कानपुर।
कुली बाजार में शनिवार देर रात माबिया खान ने पत्नी साफिया (20) को सिर में गोली मार दी। शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाले मायके वाले पहुंचे तो वह लहूलुहान पड़ी थी। चंद कदम दूर छह माह की बेटी रो रही थी।

साफिया को हैलट में भर्ती कराया गया है। बादशाहीनाका पुलिस ने पति, जेठ और ससुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया कि डेढ़ साल पहले माबिया और साफिया की लव मैरिज हुई थी। आरोप है कि पति अब दहेज मांग रहा था।

साफिया और माबिया के घर पास-पास ही हैं। घटना के बारे में साफिया की मां रेशमा ने बताया कि रात लगभग दो बजे माबिया के एक किराएदार ने आकर सूचना दी कि साबिया को पीटा जा रहा है। वह परिवार सहित तुरंत पहुंची तो देखा साफिया लहूलुहान पड़ी थी। सिर में पीछे गोली लगी थी, कमरे में खून फैला था। कमरे में मासूम बच्ची रो रही थी।

घर में और कोई नहीं था। मां का आरोप है कि पति माबिया ने गोली मारी और ससुर रफीक खान और जेठ चांदबाबू ने साथ दिया। तभी सभी भाग गए। बताया कि माबिया हैदराबाद में चप्पल कारीगर था। साफिया की मां रेशमा ने बताया कि दामाद एक साल पहले काम छोड़कर आ गया, तब से नौकरी नहीं की।

जब भी रुपये की जरूरत पड़ती, साफिया पर दबाव बनाकर मायके से मंगा लेता था। भाई दानिश के अनुसार साफिया के बेटी हुई तो कहा जाता था कि एक तो दहेज नहीं मिला, ऊपर से बेटी भी पैदा कर दी। तीन दिन पहले माबिया को पांच हजार रुपये दिए थे। वह अब 10 हजार रुपये फिर मांग रहे थे।


उधर, इंस्पेक्टर द्रविण कुमार सिंह ने बताया कि तीनों के खिलाफ रिपोर्ट लिख कर तलाश शुरू कर दी गई है। फोरेंसिक टीम ने भी छानबीन की है। तमंचे से गोली मारी गई है।

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