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व्यापमं घोटाले में डॉक्टर गिरफ्तार
अमर उजाला कानपुर
Updated Fri, 15 May 2015 02:04 AM IST
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व्यापमं घोटाले में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले डॉ. नीलेश मालवीय को गिरफ्तार किया गया है। डॉ. नीलेश फैजाबाद जिला अस्पताल से इंटर्नशिप कर रहा था। मुखबिर की सूचना पर एसआईटी ग्वालियर ने गाजीपुर स्थित उसकी ससुराल में छापा मारा तो वह वहां से भाग निकला। बाद में वह ग्वालियर पहुंचा। वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉ. नीलेश ने दो लाख रुपये लेकर ग्वालियर के एक स्टूडेंट की जगह एग्जाम दिया था।
आजमगढ़ के बिलरियागंज थानान्तर्गत चोबेबरोही निवासी नीलेश मालवीय ने वर्ष 2009 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था। इसी साल उसने एमपी पीएमटी में ग्वालियर निवासी मयंक शर्मा की जगह एग्जाम दिया। इसके लिए उसे दो लाख रुपये भी मिले। इधर, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. नीलेश ने फैजाबाद जिला अस्पताल से इंटर्नशिप शुरू की। व्यापमं घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ग्वालियर को वर्ष 2014 में डॉ. नीलेश की संलिप्तता की जानकारी मिली। जांच में पुष्टि के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस भेजा गया। नोटिस मिलने कॉलेज प्रशासन ने जानकारी की तो पता चला कि डॉ. नीलेश यहां से पढ़कर जा चुका है। इसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू की तो डॉ. नीलेश के फैजाबाद में होने की जानकारी मिली। जांच टीम के पहुंचने की भनक मिलते ही डॉ. नीलेश फरार हो गया। कुछ दिनों पहले एसआईटी को जानकारी मिली कि डॉ. नीलेश गाजीपुर स्थित अपने ससुराल में रह रहा है। इसके बाद वहां छापा मारा गया। छापे की जानकारी के बाद ससुराल के लोग डॉ. नीलेश को लेकर ग्वालियर चले गए। वहां गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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आजमगढ़ के बिलरियागंज थानान्तर्गत चोबेबरोही निवासी नीलेश मालवीय ने वर्ष 2009 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था। इसी साल उसने एमपी पीएमटी में ग्वालियर निवासी मयंक शर्मा की जगह एग्जाम दिया। इसके लिए उसे दो लाख रुपये भी मिले। इधर, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. नीलेश ने फैजाबाद जिला अस्पताल से इंटर्नशिप शुरू की। व्यापमं घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ग्वालियर को वर्ष 2014 में डॉ. नीलेश की संलिप्तता की जानकारी मिली। जांच में पुष्टि के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस भेजा गया। नोटिस मिलने कॉलेज प्रशासन ने जानकारी की तो पता चला कि डॉ. नीलेश यहां से पढ़कर जा चुका है। इसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू की तो डॉ. नीलेश के फैजाबाद में होने की जानकारी मिली। जांच टीम के पहुंचने की भनक मिलते ही डॉ. नीलेश फरार हो गया। कुछ दिनों पहले एसआईटी को जानकारी मिली कि डॉ. नीलेश गाजीपुर स्थित अपने ससुराल में रह रहा है। इसके बाद वहां छापा मारा गया। छापे की जानकारी के बाद ससुराल के लोग डॉ. नीलेश को लेकर ग्वालियर चले गए। वहां गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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