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सपा दफ्तर में अधिवक्ता की लाश, जिलाध्यक्ष ने रची हत्या की साजिश!, पहले ही जताई थी हत्या की आशंका
Mon, 24 Dec 2018 10:39 PM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Mon, 24 Dec 2018 10:39 PM IST
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डेमो पिक
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कुरारा थानाक्षेत्र के भटपुरा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया उसका चचेरा भाई शिव सिंह यादव (25) पुत्र रामबरन जिला पंचायत परिसर स्थित पुराने सपा कार्यालय के एक कमरे में रहता था। वह जिला जजी में वकालत करता था। उसने बताया शिव सिंह के कमरे के सामने अक्षय पाल उर्फ बवाली व उसकी पत्नी संध्या रहती हैं। बवाली ने शिव सिंह से किसी कोर्स के लिए 25 हजार रुपये लिए थे। शिव सिंह ने बवाली से कई बार रुपये मांगे। मगर वह जानमाल की धमकी देता था। यह बात शिव सिंह ने उसे बताई थी। जिस पर उसने बवाली को डांट फटकार लगाते हुए एसपी व अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। प्रार्थना पत्रों में भी शिव सिंह ने अपनी जान का खतरा बताया था।
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सोमवार सुबह करीब सात बजे जब वह शिवसिंह के कमरे पर गया तो दरवाजे खुले थे और उसका शव फांसी पर लटका था। उसने बताया घटना में सपा जिलाध्यक्ष इदरीश खां का भी हाथ है। इदरीश खां बवाली का सहयोग करता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम दो चिकित्सकों के पैनल से और वीडियोग्राफी भी कराई है। कोतवाल एके सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर दंपति पर हत्या व सपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ हत्या की साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तारी के लिए दविश दी जा रही है। इस बारे में सपा जिलाध्यक्ष इदरीश खां ने कहा उनका कार्यालय जिला पंचायत परिसर में नहीं है।
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उनकी अधिवक्ता शिव सिंह से कभी कोई बात नहीं हुई है। न ही धमकाया है। राजनीतिक विरोध के चलते उन्हें फंसाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी दंपति मुख्यालय स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम काम करते हैं। करीब आठ वर्षों से अधिवक्ता सपा के पुराने कार्यालय के कमरे में रह रहा था। उसने इसी कमरे में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर वकालत करने लगा। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उधर, मिलनसार अधिवक्ता की मौत की खबर सुन पोस्टमार्टम हाउस में साथी अधिवक्ता व नाते रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही।
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यंग बार एसोसिएशन को लिखा था पत्र
अधिवक्ता शिव सिंह यादव ने 22 दिसंबर को यंग बार एसोसिएशन को लिखे पत्र में कहा था कि उसे बहुत कष्ट के साथ कहना पड़ रहा है कि अक्षय पाल उर्फ बवाली व उसकी पत्नी संध्या पाल उसकी जान लेने या उसकी जिंदगी खत्म करने की सोच रहे हैं। उसे खाने में जहर खिलाकर या फांसी पर लटकाकर मारने की फिराक में हैं। शिव सिंह ने पत्र के माध्यम से अधिवक्ताओं से निवेदन किया था कि उसकी मौत के बाद मुकदमे की पैरवी ऐसी करना कि उसे मारने वाले आरोपियों को कड़ी सजा मिले।
अधिवक्ता शिव सिंह यादव ने 22 दिसंबर को यंग बार एसोसिएशन को लिखे पत्र में कहा था कि उसे बहुत कष्ट के साथ कहना पड़ रहा है कि अक्षय पाल उर्फ बवाली व उसकी पत्नी संध्या पाल उसकी जान लेने या उसकी जिंदगी खत्म करने की सोच रहे हैं। उसे खाने में जहर खिलाकर या फांसी पर लटकाकर मारने की फिराक में हैं। शिव सिंह ने पत्र के माध्यम से अधिवक्ताओं से निवेदन किया था कि उसकी मौत के बाद मुकदमे की पैरवी ऐसी करना कि उसे मारने वाले आरोपियों को कड़ी सजा मिले।