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ऑक्सीजन सिलेंडर का रेगुलेटर फटा, कर्मी घायल
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 10 Feb 2015 02:33 AM IST
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डॉ. मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल में सोमवार रात ऑक्सीजन सिलेंडर का रेगुलेटर फट गया। इससे रेगुलेटर लगा रहा कर्मचारी राजेश के दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई। एक तीमारदार को भी चोट लगी।
कर्मचारी की हालत ठीक है। फतेहपुर निवासी मरीज बाबू को परिजन सोमवार सुबह लेकर चेस्ट अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उसे भर्ती कराने को कहा। दिन में बाबू का नीचे ही इलाज चला।
रात में उसे वार्ड नंबर छह में भर्ती कराना था। भर्ती कराने से पहले बाबू को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। ऑक्सीजन सिलेंडर पर रेगुलेटर नहीं था। तीमारदारों ने अस्पताल से रेगुलेटर मांगा तो नहीं दिया गया।
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इसके बाद तीमारदार बाहर से तकरीबन एक हजार रुपये में रेगुलेटर खरीदकर ले आए। कर्मचारी राजेश गुलाबिया रेगुलेटर सेट कर रहा था। इसी बीच रेगुलेटर धमाके के साथ फट गया।
धमाके से अस्पताल में भगदड़ मच गई। अफरा-तफरी खत्म हुई तो राजेश दाहिना हाथ पकड़ कर बैठा दिखा। लोगों ने उसे उठाया और डॉक्टरों को सूचना दी।
बता दें कि अस्पताल में रेगुलेटर बदलते समय आए दिन घटना होती रहती है। तीमारदारों का आरोप है कि रेगुलेटर उपलब्ध होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन नहीं देता। इस संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि जांच कराई जाएगी।
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कर्मचारी की हालत ठीक है। फतेहपुर निवासी मरीज बाबू को परिजन सोमवार सुबह लेकर चेस्ट अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उसे भर्ती कराने को कहा। दिन में बाबू का नीचे ही इलाज चला।
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रात में उसे वार्ड नंबर छह में भर्ती कराना था। भर्ती कराने से पहले बाबू को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। ऑक्सीजन सिलेंडर पर रेगुलेटर नहीं था। तीमारदारों ने अस्पताल से रेगुलेटर मांगा तो नहीं दिया गया।
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इसके बाद तीमारदार बाहर से तकरीबन एक हजार रुपये में रेगुलेटर खरीदकर ले आए। कर्मचारी राजेश गुलाबिया रेगुलेटर सेट कर रहा था। इसी बीच रेगुलेटर धमाके के साथ फट गया।
धमाके से अस्पताल में भगदड़ मच गई। अफरा-तफरी खत्म हुई तो राजेश दाहिना हाथ पकड़ कर बैठा दिखा। लोगों ने उसे उठाया और डॉक्टरों को सूचना दी।
बता दें कि अस्पताल में रेगुलेटर बदलते समय आए दिन घटना होती रहती है। तीमारदारों का आरोप है कि रेगुलेटर उपलब्ध होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन नहीं देता। इस संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि जांच कराई जाएगी।