फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   a million bucks removed from deceased account

बैंकवालों की हेराफेरी, मृतक उपभोक्ता के खाते से निकाले एक लाख रुपये

Fri, 20 Jan 2017 11:38 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 20 Jan 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
 a million bucks removed from deceased account
इलाहाबाद बैंक शाखा की अंधेरगर्दी बैंक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रही है
इलाहाबाद बैंक शाखा की अंधेरगर्दी बैंक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रही है। नोटबंदी के दौरान हुई हेराफेरी का परिणाम जिंदा खाता धारक तो दूर मृतक के खाते से भी फर्जी तरीके से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। मामला यूपी के बांदा जिले का है। 
विज्ञापन

कस्बा खरेला के इलाहाबाद बैंक से खाता धारक स्व. बाबू सिंह उर्फ रामस्वरूप ने दो लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। 26 फरवरी 2016 को उसकी मौत हो गई। मृतक किसान के क्रेडिट कार्ड की बकाया धनराशि उसके पुत्र द्वारा जमा कराया गया। करीब 10 हजार रुपये का बकाया जमा करने के लिए जब मृतक का पुत्र अरिमर्दन सिंह ने दो जनवरी 2017 को बैंक जाकर पासबुक में इंट्री कराई। खाते में जमा धनराशि में 1.10 लाख रुपये 31 दिसंबर 2016 को निकाला जाना अंकित हुआ। यह देखकर अरिमर्दन ने पिता के खाते से धनराशि आहरण की जानकारी की तो मैनेजर ने उसे टरका दिया। 
विज्ञापन

मामला उलझते देख मृतक के खाता से निकाली गई धनराशि बैंक के अधिकारियाें ने क्रेडिट कार्ड खाता में पुन: जमा कर दी। मृतक किसान के पुत्र ने इलाहाबाद बैंक चेयरमैन कोलकाता, बैंक लोकपाल कानपुर, इलाहाबाद महा प्रबंधक लखनऊ और सहायक मंडलीय प्रबंधक हमीरपुर को दिए शिकायती पत्र में बताया कि बैंक मैनेजर द्वारा की गई हेराफेरी बैंक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रही है। उन्होंने मामले की जांच कराते हुए कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह कस्बा खरेला के स्वामीदास मोहल्ला निवासी राजेश यादव ने बताया उसकी मां का बैंक में खाता है। बड़ी बहू पत्नी महेश्वरीदीन के नाम से पांच दिसंबर 2016 को 2000 रुपया फर्जी आधार कार्ड बड़ी बहू पत्नी पंचमलाल के नाम का लगाकर रुपया निकाल लिए गए। उसने कहा कि उसकी मां कई महीनों से बैंक ही नहीं आई। जिला अग्रणी बैंक अधिकारी के के प्रसाद का कहना है मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच दौरान दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed