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ट्रेन से कटीं नौ गायें
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 05 Sep 2016 08:03 PM IST
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ट्रेन से कटकर मरीं गायों को देखते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर से फर्रुखाबाद आने वाली पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से नौ गायों की मौत हो गई। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने गड्डा खोदकर उन्हें दबा दिया। घटना की जानकारी पशु विभाग अफसरों और पुलिस को नहीं दी गई।
रविवार रात कानपुर से आने वाली पैसेंजर ट्रेन संख्या 55327 जब महरुपुर सहजू के पास से गुजर रही थी। उसी समय रेलवे ट्रैक पर घूम रहीं नौ गायें ट्रेन की चपेट में आ गईं। घटना के बाद चालक ने ट्रेन रोक दी। इसकी जानकारी होने पर याकूतगंज गैटमेन जितेंद्र पाल मौके पर पहुंच गए। रेलवे कर्मचारियों ने ट्रैक से गायों के शवों को हटवाया। इसके चलते ट्रेन करीब 20 मिनट तक खड़ी रही। शवों के हटने के बाद ट्रेन रवाना हो सकी। रात में किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई, जिस वजह से गायों के शव रात भर घटनास्थल पर ही पड़े रहे। सोमवार तड़के जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वहां पर काफी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने जेसीबी को किराए पर लिया और गड्डा खुदवाकर गायों के शवों को उसमें दबा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि कोई भी गाय पालतू नहीं थी।
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रविवार रात कानपुर से आने वाली पैसेंजर ट्रेन संख्या 55327 जब महरुपुर सहजू के पास से गुजर रही थी। उसी समय रेलवे ट्रैक पर घूम रहीं नौ गायें ट्रेन की चपेट में आ गईं। घटना के बाद चालक ने ट्रेन रोक दी। इसकी जानकारी होने पर याकूतगंज गैटमेन जितेंद्र पाल मौके पर पहुंच गए। रेलवे कर्मचारियों ने ट्रैक से गायों के शवों को हटवाया। इसके चलते ट्रेन करीब 20 मिनट तक खड़ी रही। शवों के हटने के बाद ट्रेन रवाना हो सकी। रात में किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई, जिस वजह से गायों के शव रात भर घटनास्थल पर ही पड़े रहे। सोमवार तड़के जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वहां पर काफी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने जेसीबी को किराए पर लिया और गड्डा खुदवाकर गायों के शवों को उसमें दबा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि कोई भी गाय पालतू नहीं थी।
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