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कानपुर: लेदर कारोबारी से 21.77 लाख रुपये की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
Mon, 25 Nov 2019 10:17 PM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 25 Nov 2019 10:17 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
कानपुर में चकेरी के वाजिदपुर, जाजमऊ निवासी लेदर कारोबारी आरके माहेश्वरी से 21 लाख 77 हजार रुपये की ठगी हो गई। मामले में कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
लेदर कारोबारी आरके माहेश्वरी का चकेरी के वाजिदपुर, जाजमऊ में रहमान इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से कंपनी है।
उनकी कंपनी चमड़े व चमडे़ से बने वस्तुओं के मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। उनकी कंपनी विदेशों में भी माल की सप्लाई करती है। आरकेमाहेश्वरी ने बताया कि वर्ष 2014 में नवी मुंबई जोगेश्वरी ईस्ट निवासी वेद इन कार्पोरेट के मालिक मनोज सूधर ने उनकी कंपनी से स्नेक ब्रिन लेदर एवं स्नेक प्रिंट ब्राउन लेदर की सप्लाई ली थी।
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लेदर कारोबारी आरके माहेश्वरी का चकेरी के वाजिदपुर, जाजमऊ में रहमान इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से कंपनी है।
उनकी कंपनी चमड़े व चमडे़ से बने वस्तुओं के मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। उनकी कंपनी विदेशों में भी माल की सप्लाई करती है। आरकेमाहेश्वरी ने बताया कि वर्ष 2014 में नवी मुंबई जोगेश्वरी ईस्ट निवासी वेद इन कार्पोरेट के मालिक मनोज सूधर ने उनकी कंपनी से स्नेक ब्रिन लेदर एवं स्नेक प्रिंट ब्राउन लेदर की सप्लाई ली थी।
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जिसकी कीमत 22 लाख, 77 हजार, 575 रुपये थी। जिसके एवज में मनोज ने उनकी कंपनी को विभिन्न बैंकों के चेक दिए थे, जो बाउंस हो गए। आरोप है कि शिकायत पर पहले तो कंपनी के मालिक ने टालमटोल शुरू किया। वर्ष 2018 में उनकी कंपनी द्वारा मनोज सूधर को नोटिस और ई-मेल के जरिए रुपये की मांग की गई। इसके बाद भी कोई जवाब नही मिला।
ठगी का एहसास होने पर कंपनी के कर्मचारियों ने जब रुपये की मांग की तो मनोज ने गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट में शरण ली। थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
ठगी का एहसास होने पर कंपनी के कर्मचारियों ने जब रुपये की मांग की तो मनोज ने गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट में शरण ली। थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।