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बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर सेवानिवृत्त एएनएम से ठगे 16 लाख रुपये, तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Thu, 20 Feb 2020 09:02 AM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, औरैया
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 20 Feb 2020 09:02 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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औरैया जिले में मोहल्ला विद्यानगर बाबरपुर निवासी एक सेवानिवृत्त एएनएम से पुत्र की नौकरी लगवाने के नाम पर सोलह लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में एक विद्यालय के प्रबंधक पर रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विद्यालय प्रबंधक समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने इस आशय का एक प्रार्थनापत्र एसपी सुनीति को भी सौंपा है।
अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला विद्यानगर बाबरपुर निवासी अंजनी देवी पत्नी धर्म नारायण ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह सीएचसी अजीतमल में एएनएम पद से सेवानिवृत्त हुई है। नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात विवेक कुमार मिश्रा पुत्र सुरेश चंद्र निवासी गोविंद नगर से मुलाकात हुई। विवेक ने बताया कि वह एक विद्यालय के प्रबंधक हैं। उनके विद्यालय में गणित व विज्ञान के सहायक अध्यापक के पद रिक्त हैं।
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अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला विद्यानगर बाबरपुर निवासी अंजनी देवी पत्नी धर्म नारायण ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह सीएचसी अजीतमल में एएनएम पद से सेवानिवृत्त हुई है। नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात विवेक कुमार मिश्रा पुत्र सुरेश चंद्र निवासी गोविंद नगर से मुलाकात हुई। विवेक ने बताया कि वह एक विद्यालय के प्रबंधक हैं। उनके विद्यालय में गणित व विज्ञान के सहायक अध्यापक के पद रिक्त हैं।
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इस पर पुत्र को नौकरी लगवाने की बात होने पर उसने बीएसए कार्यालय में 20 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। इस पर उसने 20 लाख रुपये की व्यवस्था कर पाने में असमर्थता जताई। इसके बाद विवेक ने उसे पुत्र के साथ घर आने को कहा। वह 1 मई 2018 की शाम अपने दोनों पुत्र सजल सक्सेना व अनुज सक्सेना के साथ विवेक के घर गई।
बातचीत के दौरान उसे बताया गया कि 16 लाख रुपये में अनुज सक्सेना की नौकरी सहायक अध्यापक के पद पर हो जाएगी। तभी मौके पर मौजूद विवेक के पुत्र कन्हैया ने बताया कि उसके पिता पहले भी एक व्यक्ति की नौकरी सहायक अध्यापक के पद पर लगवा चुके हैं और कागज भी दिखाए तथा आश्वासन दिया कि उसके पुत्र अनुज सक्सेना की भी नौकरी लग जाएगी।
बातचीत के दौरान उसे बताया गया कि 16 लाख रुपये में अनुज सक्सेना की नौकरी सहायक अध्यापक के पद पर हो जाएगी। तभी मौके पर मौजूद विवेक के पुत्र कन्हैया ने बताया कि उसके पिता पहले भी एक व्यक्ति की नौकरी सहायक अध्यापक के पद पर लगवा चुके हैं और कागज भी दिखाए तथा आश्वासन दिया कि उसके पुत्र अनुज सक्सेना की भी नौकरी लग जाएगी।
इसके लिए कन्हैया ने 16 लाख रुपये का भुगतान किस्तों के माध्यम से करने की सुविधा कर दी। इस पर उसने जून 2018 से जनवरी 2019 तक कई किस्तों के माध्यम से उसे 16 लाख रुपये दिया। इसके बाद भी उसके पुत्र की नौकरी नहीं लगी तो 24 सितंबर 2019 को अपने दोनों पुत्रों व एक अन्य व्यक्ति के साथ विवेक के पास जाकर रकम लौटाने को कहा।
इस पर उसे रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने प्रबंधक विवेक, प्रबंधक के पुत्र कन्हैया व पुत्री रैना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस पर उसे रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने प्रबंधक विवेक, प्रबंधक के पुत्र कन्हैया व पुत्री रैना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।