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जिले के दो थाना प्रभारियों की एडीजी लखनऊ करेंगे जांच
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कानपुर देहात। एसपी से बिना अनुमति लिए गैर जनपद कानपुर में दबिश देकर दूसरे थाने के वारंटी को गिरफ्तार करने व उसके विरुद्ध नौबस्ता थाना में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़िता ने अकबरपुर व गजनेर एसओ पर जिले की एक महिला अधिकारी की साठगांठ से जमीन के विवाद में फर्जी मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया है। प्रमुख सचिव गृह ने इसे गंभीर प्रकरण मानते हुए अकबरपुर इंस्पेक्टर व गजनेर एसओ की जांच शुरू कराई है। एडीजी लखनऊ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। दस मई तक मामले में रिपोर्ट मांगी गई है।
कानपुर नौबस्ता हंसपुरम निवासी महेश सिंह की पत्नी सरला सिंह ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद सिंह को बताया कि उसके पति पर लेनदेन के विवाद के चलते जिले की एक महिला अधिकारी ने गजनेर थाने में एसओ शशिभूषण मिश्रा से साठगांठ कर 10 दिसंबर 2018 को दुष्कर्म के प्रयास का फर्जी मुकदमा एक महिला की ओर से दर्ज कराया गया था। इसके बाद उसके पति का वारंट कोर्ट ने जारी कर दिया था। 28 मार्च की रात अकबरपुर कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला ने सादे कपड़ों में पुलिस बल के साथ हंसपुरम नौबस्ता स्थित उसके आवास पर छापेमारी की। उसके पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उनकी बुरी तरह से पिटाई की।
आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर अकबरपुर ने उसके घर में तोड़फोड़ की। वहीं, पति को गिरफ्तार करने के बाद फायरिंग करने का आरोप लगाते हुए जानलेवा हमले का मुकदमा नौबस्ता थाने में दर्ज करा दिया। मुकदमा वहां दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर उसे लेकर अकबरपुर चले गए। महेश की पत्नी सरला ने जमीन के विवाद में जिले की एक महिला अधिकारी पर पुलिस से साठगांठ कर पति व देवर अखिलेश को फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया, जिसमें गजनेर एसओ व अकबरपुर प्रभारियों पर गंभीर आरोप हैं। मामले में प्रमुख सचिव ने लखनऊ एडीजी तनुजा श्रीवास्तव को जांच सौंपी है। उन्होंने दस मई तक मामले में रिपोर्ट तलब की है। वहीं जिले स्तर पर इसकी जांच एएसपी कर रहे हैं।
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एसपी राधेश्याम ने बताया कि फर्जी मुकदमा दर्ज करने व अकबरपुर इंस्पेक्टर की ओर से बिना अनुमति के कानपुर नगर में दबिश देकर वारंटी को गिरफ्तार करने के मामले की जांच एएसपी से कराई जा रही है, वहीं प्रमुख सचिव गृह के स्तर से जांच कराए जाने की जानकारी मिली है।
जिले के दो थाना प्रभारियों की जांच एडीजी करेंगे
प्रमुख सचिव गृह ने नामित किया जांच अधिकारी
शासन ने माना गंभीर प्रकरण, 10 मई तक मांगी रिपोर्ट
बिना अनुमति गैर जिले में गिरफ्तार करने गई थी पुलिस
नौबस्ता थाने में दर्ज कराया था जानलेवा हमले का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
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कानपुर नौबस्ता हंसपुरम निवासी महेश सिंह की पत्नी सरला सिंह ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद सिंह को बताया कि उसके पति पर लेनदेन के विवाद के चलते जिले की एक महिला अधिकारी ने गजनेर थाने में एसओ शशिभूषण मिश्रा से साठगांठ कर 10 दिसंबर 2018 को दुष्कर्म के प्रयास का फर्जी मुकदमा एक महिला की ओर से दर्ज कराया गया था। इसके बाद उसके पति का वारंट कोर्ट ने जारी कर दिया था। 28 मार्च की रात अकबरपुर कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला ने सादे कपड़ों में पुलिस बल के साथ हंसपुरम नौबस्ता स्थित उसके आवास पर छापेमारी की। उसके पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उनकी बुरी तरह से पिटाई की।
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आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर अकबरपुर ने उसके घर में तोड़फोड़ की। वहीं, पति को गिरफ्तार करने के बाद फायरिंग करने का आरोप लगाते हुए जानलेवा हमले का मुकदमा नौबस्ता थाने में दर्ज करा दिया। मुकदमा वहां दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर उसे लेकर अकबरपुर चले गए। महेश की पत्नी सरला ने जमीन के विवाद में जिले की एक महिला अधिकारी पर पुलिस से साठगांठ कर पति व देवर अखिलेश को फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया, जिसमें गजनेर एसओ व अकबरपुर प्रभारियों पर गंभीर आरोप हैं। मामले में प्रमुख सचिव ने लखनऊ एडीजी तनुजा श्रीवास्तव को जांच सौंपी है। उन्होंने दस मई तक मामले में रिपोर्ट तलब की है। वहीं जिले स्तर पर इसकी जांच एएसपी कर रहे हैं।
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एसपी राधेश्याम ने बताया कि फर्जी मुकदमा दर्ज करने व अकबरपुर इंस्पेक्टर की ओर से बिना अनुमति के कानपुर नगर में दबिश देकर वारंटी को गिरफ्तार करने के मामले की जांच एएसपी से कराई जा रही है, वहीं प्रमुख सचिव गृह के स्तर से जांच कराए जाने की जानकारी मिली है।
जिले के दो थाना प्रभारियों की जांच एडीजी करेंगे
प्रमुख सचिव गृह ने नामित किया जांच अधिकारी
शासन ने माना गंभीर प्रकरण, 10 मई तक मांगी रिपोर्ट
बिना अनुमति गैर जिले में गिरफ्तार करने गई थी पुलिस
नौबस्ता थाने में दर्ज कराया था जानलेवा हमले का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो