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आर्थिक तंगी के चलते फेरी वाले ने फांसी लगा जान दी
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हरजीत गौतम का फाइल फोटो।
- फोटो : AKBARPUR
सिकंदरा (कानपुर देहात)। थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव में आर्थिक तंगी से परेशान फेरी वाले ने मंगलवार की रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वह कपड़े की फेरी लगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। कोरोना काल में व्यापार ठप रहने से आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सिकंदरा कस्बे में नसीरपुर गांव निवासी केनवीर गौतम ने बताया कि छोटा बेटा हरजीत गौतम (35) रेडीमेड कपड़ों की फेरी लगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। वह पत्नी पूनम व चार वर्षीय बेटे सिद्धू के साथ घर में अलग रहता था। खेती बाड़ी में हाथ बटा लेता था। कोरोना काल में फेरी का काम ठीक से नहीं चला, इससे आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। मृतक के हिस्से में सिर्फ नौ बिस्वा खेत है।
मंगलवार की शाम वह खाना खाने के बाद कमरे में सोने चला गया। रात में उसकी पत्नी पूनम की नींद खुली तो हरजीत का शव आंगन के जाल में साड़ी के सहारे लटक रहा था। यह देख घर में कोहराम मच गया। पत्नी पूनम, मां कृष्णा देवी बुरी तरह से बिलखनी लगीं। बड़े भाई रंजीत गौतम व पिता का भी रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पिता ने बताया कि मृतक के नाम राशन कार्ड नहीं है। इंस्पेक्टर रामबहादुर पाल ने बताया कि मृतक आर्थिक संकट से जूझ रहा था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन की रही है।
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सिकंदरा कस्बे में नसीरपुर गांव निवासी केनवीर गौतम ने बताया कि छोटा बेटा हरजीत गौतम (35) रेडीमेड कपड़ों की फेरी लगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। वह पत्नी पूनम व चार वर्षीय बेटे सिद्धू के साथ घर में अलग रहता था। खेती बाड़ी में हाथ बटा लेता था। कोरोना काल में फेरी का काम ठीक से नहीं चला, इससे आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। मृतक के हिस्से में सिर्फ नौ बिस्वा खेत है।
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मंगलवार की शाम वह खाना खाने के बाद कमरे में सोने चला गया। रात में उसकी पत्नी पूनम की नींद खुली तो हरजीत का शव आंगन के जाल में साड़ी के सहारे लटक रहा था। यह देख घर में कोहराम मच गया। पत्नी पूनम, मां कृष्णा देवी बुरी तरह से बिलखनी लगीं। बड़े भाई रंजीत गौतम व पिता का भी रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पिता ने बताया कि मृतक के नाम राशन कार्ड नहीं है। इंस्पेक्टर रामबहादुर पाल ने बताया कि मृतक आर्थिक संकट से जूझ रहा था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन की रही है।
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