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ट्रांसपोर्टर के हत्यारोपियों की निरस्त होगी जमानत
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कानपुर देहात। बारा गांव में ट्रांसपोर्टर की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को छोड़कर बाकी की जमानत हो चुकी है। आरोप है कि जेल से बाहर आते ही मृतक के परिवार को धमकाया गया। पीड़ित परिवार गांव छोड़ कर चला गया। गुरुवार को एसपी ने अकबरपुर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मृतक ट्रांसपोर्टर के बेटे से तहरीर मांगी है। एफआईआर दर्ज कर पुलिस आरोपियों की जमानतें निरस्त कराएगी।
बारा गांव निवासी ट्रांसपोर्टर राकेश पाल की 23 अगस्त को खेतों में दौड़ाकर चाकू से कई वार करके हत्या कर दी गई थी। एक महिला के अवैध संबंधों का राज जानने व मिलने जाने के दौरान उसके प्रेमी से टोकाटाकी करने पर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने मृतक पड़ोसी तौफीक को हत्या करने व उसका सहयोग करने और साक्ष्य छिपाने में माता, पिता, भाई, भाभी व गांव के ही युवक नसीम को नामजद किया था। मुख्य आरोपी तौफीक को छोड़कर अन्य की जमानत हो गई है। दो अन्य आरोपी गांव के शकील खां और छोटे मुन्ना फरार हैं। शिवम ने बताया कि जमानत के बाद जेल से बाहर आने पर आरोपियों ने 30 सितंबर की रात 11 बजे उसके घर आकर धमकाया था। समझौता न करने पर पिता जैसा हश्र करने की धमकी दी थी। डर की वजह से परिवार समेत वह गांव छोड़कर कानपुर चला गया। कहा कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
वहीं एसपी केशव कुमार चौधरी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने घर के बाहर पुलिस बल तैनात करने व पीड़ित परिवार को पूरी तरह से सुरक्षा देने की बात कही है। इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि मृतक के बेटे से तहरीर मांगी गई है। एफआईआर दर्ज करके जेल से बाहर आए आरोपियों की जमानत निरस्त कराई जाएगी।
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बारा गांव निवासी ट्रांसपोर्टर राकेश पाल की 23 अगस्त को खेतों में दौड़ाकर चाकू से कई वार करके हत्या कर दी गई थी। एक महिला के अवैध संबंधों का राज जानने व मिलने जाने के दौरान उसके प्रेमी से टोकाटाकी करने पर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने मृतक पड़ोसी तौफीक को हत्या करने व उसका सहयोग करने और साक्ष्य छिपाने में माता, पिता, भाई, भाभी व गांव के ही युवक नसीम को नामजद किया था। मुख्य आरोपी तौफीक को छोड़कर अन्य की जमानत हो गई है। दो अन्य आरोपी गांव के शकील खां और छोटे मुन्ना फरार हैं। शिवम ने बताया कि जमानत के बाद जेल से बाहर आने पर आरोपियों ने 30 सितंबर की रात 11 बजे उसके घर आकर धमकाया था। समझौता न करने पर पिता जैसा हश्र करने की धमकी दी थी। डर की वजह से परिवार समेत वह गांव छोड़कर कानपुर चला गया। कहा कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
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वहीं एसपी केशव कुमार चौधरी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने घर के बाहर पुलिस बल तैनात करने व पीड़ित परिवार को पूरी तरह से सुरक्षा देने की बात कही है। इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि मृतक के बेटे से तहरीर मांगी गई है। एफआईआर दर्ज करके जेल से बाहर आए आरोपियों की जमानत निरस्त कराई जाएगी।
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