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ब्रजेश ने सुबोध की अंगुली में काट लिया था
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ब्रजेश ने सुबोध की अंगुली में काट लिया था
कानपुर देहात। नींद की गोलियां मिली कोल्ड ड्रिंक्स पीने के बाद ब्रजेश कार की पिछली सीट पर ले गया था। बेहोश होने की आशंका में सुबोध ने जब उसका गला रस्सी से कसा तो ब्रजेश ने सुबोध की अंगुली में काट लिया था। बाद में वह उसका गला घोंटने के बाद शव ठिकाने लगा दिया। सुबह वह पुखरायां के एक निजी डॉक्टर के पास गया था। उसने झगड़े में अंगुली में चोट आने की बात कहकर टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया था। इसके बाद पुखरायां में ही 9:40 बजे ब्रजेश का बंद मोबाइल फोन खोला था। ब्रजेश के फोन पर उसके चचेरे भाई सर्वेश का फोन आया तो 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और तत्काल फोन स्विच ऑफ कर दिया।
ट्रकों का लोन चुकाने को हत्या बाद मांग रहा था फिरौती
कानपुर देहात। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि सुबोध ने हत्या के बाद 20 लाख रुपये फिरौती मांगने की बात स्वीकार की है। बताया है कि उसके पास दो ट्रक हैं। दोनों पर लोन है। लोन की अदायगी के लिए उसने हत्या बाद फिरौती मांगने की साजिश रची थी।
गोली चलाने के मामले में पुलिस की फिर वही स्क्रिप्ट
कानपुर देहात। सोमवार से हिरासत में चल रहे ब्रजेश के हत्यारोपी सुबोध को मंगलवार रात में पैर में गोली मारकर फिर गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आते ही लोगों को बिकरू कांड के दौरान की पुलिस की स्क्रिप्ट याद आ गई। बिकरू कांड के बाद पुलिस ने विकास दुबे से लेकर उसके कई साथियों के एनकाउंटर किए थे। ज्यादातर में बदमाशों के पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश पर गोली मारने की बात कही गई थी। धर्मकांटा मैनेजर की हत्या में पकड़े सुबोध के मामले में भी पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने के दौरान पैर में गोली मार कर गिरफ्तार करने की बात दोहराई है।
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सुबोध के ट्रक धर्मकांटा पर आने से हो गई थी दोस्ती
कानपुर देहात। सुबोध ने दो ट्रक फाइनेंस पर लिए है। इसके पहले वह ट्रक चलाता था। उसके ट्रक अक्सर चौरा धर्मकांटा पर आते थे। ब्रजेश धर्मकांटा पर मैनेजर था। अक्सर मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी। सुबोध बेहद शातिर दिमाग है। वह अक्सर फेसबुक मैसेंजर पर ही बात करता था। लॉकडाउन के कारण सुबोध के ट्रक दो माह खड़े रहे। कई किस्तें नहीं पहुंची तो कंपनी ने दबाव बनाया। इसके बाद लोन अदा करने के लिए उसने दोस्त की हत्या करके परिजनों से रकम वसूलने की योजना बनाकर घटना को अंजाम दे दिया।
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कानपुर देहात। नींद की गोलियां मिली कोल्ड ड्रिंक्स पीने के बाद ब्रजेश कार की पिछली सीट पर ले गया था। बेहोश होने की आशंका में सुबोध ने जब उसका गला रस्सी से कसा तो ब्रजेश ने सुबोध की अंगुली में काट लिया था। बाद में वह उसका गला घोंटने के बाद शव ठिकाने लगा दिया। सुबह वह पुखरायां के एक निजी डॉक्टर के पास गया था। उसने झगड़े में अंगुली में चोट आने की बात कहकर टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया था। इसके बाद पुखरायां में ही 9:40 बजे ब्रजेश का बंद मोबाइल फोन खोला था। ब्रजेश के फोन पर उसके चचेरे भाई सर्वेश का फोन आया तो 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और तत्काल फोन स्विच ऑफ कर दिया।
ट्रकों का लोन चुकाने को हत्या बाद मांग रहा था फिरौती
कानपुर देहात। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि सुबोध ने हत्या के बाद 20 लाख रुपये फिरौती मांगने की बात स्वीकार की है। बताया है कि उसके पास दो ट्रक हैं। दोनों पर लोन है। लोन की अदायगी के लिए उसने हत्या बाद फिरौती मांगने की साजिश रची थी।
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गोली चलाने के मामले में पुलिस की फिर वही स्क्रिप्ट
कानपुर देहात। सोमवार से हिरासत में चल रहे ब्रजेश के हत्यारोपी सुबोध को मंगलवार रात में पैर में गोली मारकर फिर गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आते ही लोगों को बिकरू कांड के दौरान की पुलिस की स्क्रिप्ट याद आ गई। बिकरू कांड के बाद पुलिस ने विकास दुबे से लेकर उसके कई साथियों के एनकाउंटर किए थे। ज्यादातर में बदमाशों के पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश पर गोली मारने की बात कही गई थी। धर्मकांटा मैनेजर की हत्या में पकड़े सुबोध के मामले में भी पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने के दौरान पैर में गोली मार कर गिरफ्तार करने की बात दोहराई है।
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सुबोध के ट्रक धर्मकांटा पर आने से हो गई थी दोस्ती
कानपुर देहात। सुबोध ने दो ट्रक फाइनेंस पर लिए है। इसके पहले वह ट्रक चलाता था। उसके ट्रक अक्सर चौरा धर्मकांटा पर आते थे। ब्रजेश धर्मकांटा पर मैनेजर था। अक्सर मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी। सुबोध बेहद शातिर दिमाग है। वह अक्सर फेसबुक मैसेंजर पर ही बात करता था। लॉकडाउन के कारण सुबोध के ट्रक दो माह खड़े रहे। कई किस्तें नहीं पहुंची तो कंपनी ने दबाव बनाया। इसके बाद लोन अदा करने के लिए उसने दोस्त की हत्या करके परिजनों से रकम वसूलने की योजना बनाकर घटना को अंजाम दे दिया।