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बस मालिक की संदिग्ध हालात में मौत, छानबीन शुरु
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रसूलाबाद। कस्बे में किराये पर रहने वाले एक बस मालिक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसे रविवार रात एक युवक सीएचसी ले गया था। उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसी बीच वह युवक मौके से खिसक गया। सोमवार सुबह पहुंची पुलिस ने उसकी शिनाख्त कराई। तब शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक थाना क्षेत्र के कनपटिया गांव का रहने वाला था। उसकी जेब में सुसाइड नोट मिला है। इसमें बस के परिचालक पर रुपये लेने और मांगने पर प्रताड़ित करने का आरोप है।
कनपटिया गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ आजाद पांडेय (44) रसूलाबाद में किराये पर मकान लेकर रहता था। वह अविवाहित था। रविवार रात उसे एक युवक सीएचसी रसूलाबाद लेकर पहुंचा। वहां ले जाने वाले युवक ने रजिस्ट्रर में अपना नाम मोहित लिखवाया। डॉ. अमित सक्सेना ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच मोहित फरार हो गया। मृतक की जेब की तलाशी में उसके पास सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा है कि डम्मन निवादा गांव बस परिचालक रिंकू यादव के 44 हजार रुपये लिए थे। लिखा है कि रिंकू ने पत्नी रूबी का आपरेशन कराने के नाम पर रुपये लिए थे। मांगने पर रोहित व उसके भाई मोनू यादव मारपीट करते हैं। छह बीघे जमीन की बिक्री करवा दी। उसके कारखाने का करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान भी वह रखे हैं। मोबाइल भी तोड़ चुके हैं। इससे प्रताड़ित होकर वह आत्महत्या कर रहा है। पिता बांकेलाल व अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडेय ने बताया कि पत्र की भी छानबीन की जा रही है। पता किया जा रहा है कि पत्र में लिखी राइटिंग चंद्रशेखर की है या नहीं। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
अस्पताल पहुंचे पिता बांकेलाल, भाई सर्वेश, महेश, रमेश, मां सियावती, बहन मिथिलेश, कमलेश, ममता व माया शव से लिपट कर रोते रहे। परिजनों ने कहा कि उसके शरीर पर खरोंच के निशान हैं। मारपीट की आशंका है। उधर, पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इससे विसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
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कनपटिया गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ आजाद पांडेय (44) रसूलाबाद में किराये पर मकान लेकर रहता था। वह अविवाहित था। रविवार रात उसे एक युवक सीएचसी रसूलाबाद लेकर पहुंचा। वहां ले जाने वाले युवक ने रजिस्ट्रर में अपना नाम मोहित लिखवाया। डॉ. अमित सक्सेना ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच मोहित फरार हो गया। मृतक की जेब की तलाशी में उसके पास सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा है कि डम्मन निवादा गांव बस परिचालक रिंकू यादव के 44 हजार रुपये लिए थे। लिखा है कि रिंकू ने पत्नी रूबी का आपरेशन कराने के नाम पर रुपये लिए थे। मांगने पर रोहित व उसके भाई मोनू यादव मारपीट करते हैं। छह बीघे जमीन की बिक्री करवा दी। उसके कारखाने का करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान भी वह रखे हैं। मोबाइल भी तोड़ चुके हैं। इससे प्रताड़ित होकर वह आत्महत्या कर रहा है। पिता बांकेलाल व अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडेय ने बताया कि पत्र की भी छानबीन की जा रही है। पता किया जा रहा है कि पत्र में लिखी राइटिंग चंद्रशेखर की है या नहीं। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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अस्पताल पहुंचे पिता बांकेलाल, भाई सर्वेश, महेश, रमेश, मां सियावती, बहन मिथिलेश, कमलेश, ममता व माया शव से लिपट कर रोते रहे। परिजनों ने कहा कि उसके शरीर पर खरोंच के निशान हैं। मारपीट की आशंका है। उधर, पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इससे विसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
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