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पिता ने डांटा, पति ने भगाया, सेंट्रल स्टेशन पर एेसे गुजारी तीन रातें
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:38 PM IST
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शादी के बाद अपने मायके बरौनी (बिहार) गई नवविवाहिता को पिता ने किसी बात को लेकर डांट दिया। इससे क्षुब्ध होकर जब ससुराल लौटी तो उसे पति ने भगा दिया। मजबूरी में वह ट्रेन से कानपुर सेंट्रल पहुंच गई।
तीन दिन से वह कानपुर सेंट्रल के वेटिंगरूम में ठहरी रही। चाइल्डलाइन की टीम ने बुधवार को नवविवाहिता को आशा ज्योति केंद्र के हवाले कर दिया।
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तीन दिन से वह कानपुर सेंट्रल के वेटिंगरूम में ठहरी रही। चाइल्डलाइन की टीम ने बुधवार को नवविवाहिता को आशा ज्योति केंद्र के हवाले कर दिया।
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शाहिदा की शादी एक साल पहले बरौनी (बिहार) में हुई थी। ससुराल के पास में ही उसका मायका था। शादी के कुछ महीने बाद पति मोहम्मद इशरत से किसी बात को लेकर उसकी कहासुनी हुई। नाराज होकर वह पिता के घर लौट आई।
कुछ माह के बाद पिता ने डांटा तो वह वापस ससुराल पति के पास गई। पति ने उसे भगा दिया। इससे नाराज होकर वह ट्रेन से कानपुर सेंट्रल पहुंच गई। सेंट्रल स्टेशन पर वेटिंग रूम में तीन दिन गुजारने के बाद उसे स्वयंसेवी संस्था आशा ज्योति केंद्र के हवाले किया गया है।
कुछ माह के बाद पिता ने डांटा तो वह वापस ससुराल पति के पास गई। पति ने उसे भगा दिया। इससे नाराज होकर वह ट्रेन से कानपुर सेंट्रल पहुंच गई। सेंट्रल स्टेशन पर वेटिंग रूम में तीन दिन गुजारने के बाद उसे स्वयंसेवी संस्था आशा ज्योति केंद्र के हवाले किया गया है।