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Kanpur News: कोर्ट की खबर... रुपये लेने थे तो ले लेती, बेटे को क्यों मार डाला

Wed, 25 Jun 2025 02:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Jun 2025 02:03 AM IST
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Court news... If you wanted to take the money, you could have taken it, why did you kill your son
कोर्ट से बाहर आतीं मां सोनिया व पिता मनीष कनोडिया। - फोटो : संवाद
कानपुर। रुपये लेने थे तो ले लेती, बेटे को क्यों मार डाला। यह शब्द आंखों में आंसू और दिल में बेटे की मौत का गम लेकर सैकड़ों किलोमीटर दूर सूरत से कोर्ट में गवाही देने पहुंची कुशाग्र की मां सोनिया कानोडिया के मुंह से जेल से कोर्ट लाई गई मुकदमे की मुख्य अभियुक्त रचिता वत्स को देखकर निकल पड़े। गवाही के दौरान कुशाग्र के आखिरी बार पहने हुए कपड़े व सामान देखकर सोनिया बदहवास सी हो गईं। फूट-फूटकर रोने लगीं। तबीयत बिगड़ने पर कुछ देर के लिए गवाही भी रोकनी पड़ी। हालांकि दोपहर बाद गवाही पूरी हो गई और जिरह शुरू हो गई। बुधवार को भी जिरह जारी रहेगी।
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कपड़ा कारोबारी मनीष कानोडिया के बेटे कुशााग्र की 30 अक्टूूबर 2023 को अपहरण के बाद हत्या हो गई थी। रायपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मुकदमे में कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रभात शुक्ला और शिवा गुप्ता आरोपी हैं। तीनों जेल में ही बंंद हैं। तीनों को मंगलवार को कोर्ट लाया गया था। कुशाग्र की हत्या के बाद माता-पिता सूरत में ही रहने लगे थे। मंगलवार को गवाही देने के लिए कुशाग्र की मां सोनिया पिता के साथ कोर्ट पहुंंची। जेल से लाए गए तीनों अभियुक्तों को देखकर आग बबूला हो उठींं। रचिता को देखकर बोली, रुपये ले लेती बेटे को क्यों मार दिया।
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गवाही के दौरान मालखाने से कुशाग्र के कपड़े जो उसने हत्या से पहले पहने थे, हेलमेट, मोबाइल, स्कूली बैग और पानी की बोतल आदि लाई गई थी। इन्हें सोनिया ने पहचाना। कपड़ों को सीने से लगाकर सोनिया फूटकर रोने लगीं और बदहवास हो गईं। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के कारण कुछ देर के लिए गवाही रोकनी पड़ी। दोपहर बाद गवाही पूरी हो गई। इसके बाद प्रभात के अधिवक्ता ओम नारायण द्विवेदी ने सोनिया से जिरह की। कई तरह के घुमावदार प्रश्न किए गए जिनका सोनिया ने डटकर जवाब दिया। समय खत्म होने के कारण जिरह पूरी नहीं हो सकी। शेष जिरह बुधवार को होगी।
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