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बिकरूकांड: खुशी मामले में अब 29 अक्तूबर को होगी सुनवाई
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कानपुर देहात। बिकरू कांड में आरोपी खुशी तिवारी का पैनल से परीक्षण कराने की मांग पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। इस मामले में अगली तारीख 29 अक्तूबर दी गई है। मंगलवार को खुशी को सुनवाई के दौरान पेशी पर नहीं बुलाया गया था।
बिकरू कांड में दो जुलाई को कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर गोली चलाई गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस ने अमर दुबे की पत्नी खुशी तिवारी को आरोपी बनाया था। पुलिस ने खुशी पर हत्या, हत्या के प्रयास, विस्फोटक अधिनियम जैसी 17 गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया है। खुशी के पिता ने एंटी डकैती कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बेटी के नाबालिग होने की बात कही थी। अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड से जांच कराई थी। वह नाबालिग निकली थी। घटना के दिन उसकी उम्र 16 साल 10 महीने 12 दिन थी। इसके बाद मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड, माती में हो रही है। वह बाराबंकी जिले के बालिका संरक्षण गृह में है। बोर्ड ने उसका मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराने का आदेश दिया था। 28 सितंबर को कानपुर में परीक्षण किया गया था और रिपोर्ट 29 सितंबर को दाखिल की गई थी। खुशी के अधिवक्ता ने 13 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान आपत्ति दाखिल कर पैनल से मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराने की मांग की थी। इसपर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को बोर्ड में सुनवाई टल गई। अगली तारीख 29 अक्तूबर दी गई है।
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बिकरू कांड में दो जुलाई को कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर गोली चलाई गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस ने अमर दुबे की पत्नी खुशी तिवारी को आरोपी बनाया था। पुलिस ने खुशी पर हत्या, हत्या के प्रयास, विस्फोटक अधिनियम जैसी 17 गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया है। खुशी के पिता ने एंटी डकैती कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बेटी के नाबालिग होने की बात कही थी। अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड से जांच कराई थी। वह नाबालिग निकली थी। घटना के दिन उसकी उम्र 16 साल 10 महीने 12 दिन थी। इसके बाद मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड, माती में हो रही है। वह बाराबंकी जिले के बालिका संरक्षण गृह में है। बोर्ड ने उसका मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराने का आदेश दिया था। 28 सितंबर को कानपुर में परीक्षण किया गया था और रिपोर्ट 29 सितंबर को दाखिल की गई थी। खुशी के अधिवक्ता ने 13 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान आपत्ति दाखिल कर पैनल से मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराने की मांग की थी। इसपर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को बोर्ड में सुनवाई टल गई। अगली तारीख 29 अक्तूबर दी गई है।
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