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Kanpur News: बैंक के सहायक मैनेजर के घर से 45 लाख की चोरी में दंपती गिरफ्तार
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कानपुर। कल्याणपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा के सहायक मैनेजर गौरव सिंह और उनकी मां चित्रा सिंह को खीर में न्यूरो की चार गोलियां देकर घर से नकदी समेत 45 लाख रुपये के जेवर चोरी का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले झांसी के बड़ागांव के विजय कुमार रैकवार और उसकी पत्नी पिंकी को मंगलवार को बारासिरोही क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 40 लाख के गहने, तीन लाख की नकदी, मोबाइल, स्कूटी व अन्य सामान मिला है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
कैलाश विहार में गौरव सिंह मां चित्रा सिंह के साथ रहते हैं। पत्नी दीपा बेटे के साथ नवाबगंज में रह रही हैं। चित्रा सिंह पनकी विद्युत परिषद कॉलेज की सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। गौरव सिंह कन्नौज स्थित बैंक की शाखा में तैनात हैं। 13 अगस्त को उन्होंने कल्याणपुर थाने में अनुष्ठान कराने के नाम पर बेहाेश कर 45 लाख रुपये का माल उड़ाने की एफआईआर कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से विजय कुमार और उसकी पत्नी पिंकी को गिरफ्तार कर लिया।
एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि गौरव सिंह के घर के बाहर दुकान है जिसमें किराये पर खाली होने का बोर्ड लगा हुआ है। अगस्त की शुरुआत में विजय कुमार और पिंकी ने दुकान किराये पर लेने के लिए गौरव से मुलाकात की। विजय कुमार ने घर की स्थिति देखी और पूजा-पाठ और घर की शांति के लिए अनुष्ठान कराने के लिए कहा। मां-बेटे दोनों सहमत गए। पहले विजय ने कुछ छोटा अनुष्ठान किया जिसमें गौरव सिंह को कुछ राहत मिली। फिर 11 अगस्त 2015 को घर में पूजापाठ कराई। आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि उसने घर में दीया रखवाया। गौरव सिंह को दूल्हे के रूप में तैयार कराया जबकि एक कफन भी रखवाया। इस दौरान पिंकी ने घर में खीर बनाई। अनुष्ठान के दौरान मां-बेटे से सारे रुपये और गहनों के लॉकर खुले रखने के लिए कहा जिस पर वह राई के दाने फेंक सके। मां-बेटे खीर खाकर बेहोश हो गए और विजय कुमार और पिंकी चार लाख रुपये, गहने लेकर स्कूटी से भाग गए।
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एडीसीपी ने बताया कि पति-पत्नी पूर्व में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। दोनों के आपराधिक रिकाॅर्ड खंगाले जा रहे हैं। विजय कुमार के पास तीन आधार कार्ड मिले हैं। उसने बताया कि उसकी न्यूरो की दवा चलती है। आरोपी के पास से न्यूरो की मेडिसी और लोपेज एमडी दवाएं भी मिली हैं। इन्हीं दवाओं का इस्तेमाल बेहोश करने के लिए किया था।
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कैलाश विहार में गौरव सिंह मां चित्रा सिंह के साथ रहते हैं। पत्नी दीपा बेटे के साथ नवाबगंज में रह रही हैं। चित्रा सिंह पनकी विद्युत परिषद कॉलेज की सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। गौरव सिंह कन्नौज स्थित बैंक की शाखा में तैनात हैं। 13 अगस्त को उन्होंने कल्याणपुर थाने में अनुष्ठान कराने के नाम पर बेहाेश कर 45 लाख रुपये का माल उड़ाने की एफआईआर कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से विजय कुमार और उसकी पत्नी पिंकी को गिरफ्तार कर लिया।
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एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि गौरव सिंह के घर के बाहर दुकान है जिसमें किराये पर खाली होने का बोर्ड लगा हुआ है। अगस्त की शुरुआत में विजय कुमार और पिंकी ने दुकान किराये पर लेने के लिए गौरव से मुलाकात की। विजय कुमार ने घर की स्थिति देखी और पूजा-पाठ और घर की शांति के लिए अनुष्ठान कराने के लिए कहा। मां-बेटे दोनों सहमत गए। पहले विजय ने कुछ छोटा अनुष्ठान किया जिसमें गौरव सिंह को कुछ राहत मिली। फिर 11 अगस्त 2015 को घर में पूजापाठ कराई। आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि उसने घर में दीया रखवाया। गौरव सिंह को दूल्हे के रूप में तैयार कराया जबकि एक कफन भी रखवाया। इस दौरान पिंकी ने घर में खीर बनाई। अनुष्ठान के दौरान मां-बेटे से सारे रुपये और गहनों के लॉकर खुले रखने के लिए कहा जिस पर वह राई के दाने फेंक सके। मां-बेटे खीर खाकर बेहोश हो गए और विजय कुमार और पिंकी चार लाख रुपये, गहने लेकर स्कूटी से भाग गए।
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एडीसीपी ने बताया कि पति-पत्नी पूर्व में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। दोनों के आपराधिक रिकाॅर्ड खंगाले जा रहे हैं। विजय कुमार के पास तीन आधार कार्ड मिले हैं। उसने बताया कि उसकी न्यूरो की दवा चलती है। आरोपी के पास से न्यूरो की मेडिसी और लोपेज एमडी दवाएं भी मिली हैं। इन्हीं दवाओं का इस्तेमाल बेहोश करने के लिए किया था।