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Coronavirus: जून में संक्रमण और लेवल थ्री के मरीज बढ़े, हर दिन के साथ घातक हो रहा कोरोना वायरस
Tue, 30 Jun 2020 07:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 30 Jun 2020 07:55 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
उत्तर प्रदेश के कानपुर में जून में कोरोना संक्रमण लेवल थ्री के मरीजों की संख्या बढ़ गई। अब मरीज बीमारी के लक्षण के साथ रहे हैं। मरीजों में कोरोना का मुख्य लक्षण न्यूमोनाइटिस मिल रहा है। और वे सेप्टिक शॉक तथा सांस तंत्र फेल होने की स्थिति में चले जा रहे हैं। यह खतरे का संकेत है। इस महीने संक्रमण से मरने वाले मरीजों का आयु वर्ग भी घट रहा है।
इसकी चपेट में आकर युवाओं की जान जा रही है। ऐसे में लोगों को इस खतरे से बचाने के लिए पत्रक बांटने की रणनीति बनी है। इसके माध्यम से बचाव के तरीके बताए जाएंगे। ताकि लोग लापरवाही न बरतें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बेवजह भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न घूमें। संक्रमितों की मौत का सिलसिला अप्रैल में शुरू हुआ।
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इसकी चपेट में आकर युवाओं की जान जा रही है। ऐसे में लोगों को इस खतरे से बचाने के लिए पत्रक बांटने की रणनीति बनी है। इसके माध्यम से बचाव के तरीके बताए जाएंगे। ताकि लोग लापरवाही न बरतें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बेवजह भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न घूमें। संक्रमितों की मौत का सिलसिला अप्रैल में शुरू हुआ।
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11 अप्रैल को कर्नलगंज के 49 वर्षीय रोगी की मौत हुई। इसके बाद 26 अप्रैल को कलक्टरगंज की 49 वर्षीय महिला की जान गई। मई में जो मौतें हुईं उनमें 60 साल से 75 साल तक की उम्र के मरीज शामिल रहे। ये सभी पहले से सांस तंत्र, हृदय रोग, हाइपरटेंशन, गुर्दा-लिवर रोग की गिरफ्त में थे।
मई तक यह माना गया कि कोरोना उन्हीं के लिए जानलेवा है जिनकी उम्र अधिक और जो पहले से किसी मर्ज की गिरफ्त में हैं। इसके बाद जून में स्थिति बदल गई। बर्रा के 60 वर्षीय वृद्ध में सिर्फ कोरोना के लक्षण मिले। सांस तंत्र फेल हुआ और उनकी मौत हो गई। इसके बाद मृतकों की न्यूनतम आयु 30 वर्ष तक आ गई। सोमवार को 30 वर्षीय कोराना संक्रमित की मौत हुई।
इससे दो दिन पहले 33 साल के ओईएफ कर्मी और फिर फेथफुलगंज के 35 साल के युवक की जान गई। ये मौतें जून के अंतिम सप्ताह में हुईं। इससे स्पष्ट है कि कोरोना अब कम आयु के लोगों को भी अपना शिकार बनाने लगा है। इस स्थिति से निपटने के लिए नोडल अधिकारी समीर वर्मा ने मॉनीटरिंग कमेटियों की सक्रियता बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की रणनीति बनाने के लिए कहा है।
मई तक यह माना गया कि कोरोना उन्हीं के लिए जानलेवा है जिनकी उम्र अधिक और जो पहले से किसी मर्ज की गिरफ्त में हैं। इसके बाद जून में स्थिति बदल गई। बर्रा के 60 वर्षीय वृद्ध में सिर्फ कोरोना के लक्षण मिले। सांस तंत्र फेल हुआ और उनकी मौत हो गई। इसके बाद मृतकों की न्यूनतम आयु 30 वर्ष तक आ गई। सोमवार को 30 वर्षीय कोराना संक्रमित की मौत हुई।
इससे दो दिन पहले 33 साल के ओईएफ कर्मी और फिर फेथफुलगंज के 35 साल के युवक की जान गई। ये मौतें जून के अंतिम सप्ताह में हुईं। इससे स्पष्ट है कि कोरोना अब कम आयु के लोगों को भी अपना शिकार बनाने लगा है। इस स्थिति से निपटने के लिए नोडल अधिकारी समीर वर्मा ने मॉनीटरिंग कमेटियों की सक्रियता बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की रणनीति बनाने के लिए कहा है।