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Coronavirus: कोरोना से जीते पर अपनों से हार रहे, ठीक होने के बाद घर पहुंचे लोगों से पड़ोसी कर रहे परहेज
Mon, 22 Jun 2020 08:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 22 Jun 2020 08:58 AM IST
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कोरोना पॉजिटिव को लेने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : amar ujala
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कोरोना को हराने के बाद लोग खुशी-खुशी घर तो पहुंच जाते हैं लेकिन अपने ही उनसे परहेज करते हैं। घर वाले, आसपास के लोग उनसे मिलने, पास जाने में कतराते हैं। फॉलोअप में जब स्वास्थ्य विभाग की मॉनीटरिंग टीमों ने उनका हालचाल लिया तो कोरोना से जंग जीतने वालों ने अपनी व्यथा बताई।
इस पर सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने अपील जारी करके लोगों से अनुरोध किया है कि ठीक हो चुके रोगियों को भावनात्मक संबल दें। इससे सेहत की रिकवरी बहुत जल्दी होती है। भेदभाव बिल्कुल न करें। कोरोना संक्रमण की चपेट में आए 533 लोग अब तक रोगमुक्त हो चुके हैं।
जब ये लोग घर पहुंचे तो उन्हें पहले जैसा अपनापन नहीं मिला। वे घरों में क्वॉरंटीन जैसी स्थिति में हैं। टीमें इनकी सेहत की मॉनीटरिंग कर रही हैं। कोरोना मुक्त हो चुके सिविल लाइंस के दो लोगों ने बताया कि घर के लोग उनसे फासला रखते हैं। मोहल्ले के लोग दूर से ही दुआ सलाम कर लेते।
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रिश्तेदारों ने भी घर आना बंद कर दिया है। कोरोना मुक्त हो चुके कर्नलगंज के तीन लोगों ने बताया कि पड़ोसी बच्चों को घर आने से मनाकर दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह सिलसिला अस्पताल से शुरू हो जाता है। कोरोना संक्रमितों के घर वाले उन्हें अस्पताल में छोड़ देते हैं, बुलाने पर भी कोरोना के डर से नहीं आते।
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इस पर सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने अपील जारी करके लोगों से अनुरोध किया है कि ठीक हो चुके रोगियों को भावनात्मक संबल दें। इससे सेहत की रिकवरी बहुत जल्दी होती है। भेदभाव बिल्कुल न करें। कोरोना संक्रमण की चपेट में आए 533 लोग अब तक रोगमुक्त हो चुके हैं।
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जब ये लोग घर पहुंचे तो उन्हें पहले जैसा अपनापन नहीं मिला। वे घरों में क्वॉरंटीन जैसी स्थिति में हैं। टीमें इनकी सेहत की मॉनीटरिंग कर रही हैं। कोरोना मुक्त हो चुके सिविल लाइंस के दो लोगों ने बताया कि घर के लोग उनसे फासला रखते हैं। मोहल्ले के लोग दूर से ही दुआ सलाम कर लेते।
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रिश्तेदारों ने भी घर आना बंद कर दिया है। कोरोना मुक्त हो चुके कर्नलगंज के तीन लोगों ने बताया कि पड़ोसी बच्चों को घर आने से मनाकर दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह सिलसिला अस्पताल से शुरू हो जाता है। कोरोना संक्रमितों के घर वाले उन्हें अस्पताल में छोड़ देते हैं, बुलाने पर भी कोरोना के डर से नहीं आते।