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औरैया में चार लोगों ने कोरोना को हराया, ठीक होने वालों की संख्या हुई 13, मजदूरों की रिपोर्ट निगेटिव
Wed, 06 May 2020 08:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 06 May 2020 08:19 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में चार और कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो गए। यह सभी एक ही परिवार से हैं। अब कोरोना से जंग जीतने वालों की संख्या 13 पहुंच गई है। यह संक्रमित मरीज हालेपुर गांव व दिबियापुर के हैं। यह सभी अपने परिवार के एक व्यक्ति के संपर्क में आने से कोरोना संक्रमित हुए थे और तिर्वा अस्पताल में भर्ती थे।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि विशेष एंबुलेंस से इन सबको औरैया लाया जाएगा। एंबुलेंस को रवाना किया गया है। रात तक तिर्वा से आने की संभावना है। जिले में अब कंफर्म केस तीन रह गए हैं। इधर 60 प्रवासी मजदूरों समेत छह रेंडम सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है, सभी की निगेटिव रिपोर्ट आई है। पांच अप्रैल को पारस अस्पताल आगरा से अपनी मैनपुरी निवासी बहन का इलाज कराकर लौटे थे।
17 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए अजीतमल के हालेपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के संपर्क में आने से छोटे भाई की पत्नी, मां, दिबियापुर निवासी बहन व भांजा (मैनपुरी निवासी बहन की लड़का) भी कोरोना संक्रमित पाई गई थी। इन सभी को तिर्वा कन्नौज में भर्ती कराया गया था। बुधवार को इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई हैं। जिस पर कन्नौज प्रशासन की सूचना पर औरैया जिला प्रशासन इन मरीजों को वापस लाने के लिए एंबुलेंस को भेज रहा है।
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जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि विशेष एंबुलेंस से इन सबको औरैया लाया जाएगा। एंबुलेंस को रवाना किया गया है। रात तक तिर्वा से आने की संभावना है। जिले में अब कंफर्म केस तीन रह गए हैं। इधर 60 प्रवासी मजदूरों समेत छह रेंडम सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है, सभी की निगेटिव रिपोर्ट आई है। पांच अप्रैल को पारस अस्पताल आगरा से अपनी मैनपुरी निवासी बहन का इलाज कराकर लौटे थे।
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17 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए अजीतमल के हालेपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के संपर्क में आने से छोटे भाई की पत्नी, मां, दिबियापुर निवासी बहन व भांजा (मैनपुरी निवासी बहन की लड़का) भी कोरोना संक्रमित पाई गई थी। इन सभी को तिर्वा कन्नौज में भर्ती कराया गया था। बुधवार को इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई हैं। जिस पर कन्नौज प्रशासन की सूचना पर औरैया जिला प्रशासन इन मरीजों को वापस लाने के लिए एंबुलेंस को भेज रहा है।
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देर रात तक इन सभी के औरैया आने की संभावना है। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि तिर्वा कन्नौज में अब इंदौर से लौटे नमकीन बेचने वाले तीन मरीज ही भर्ती है, इस प्रकार कुल एक्टिव केस तीन है। इधर मंगलवार को 60 प्रवासी मजदूरों समेत छह रेडम सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
हालेपुर गांव निवासी कोरोना संक्रमित की दोबारा जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर वह परिजनों के पास तो पहुंच गया। परिजनों से मिलकर वह खुश है। लेकिन मंगलवार की शाम छह बजे तक उसे घर पहुंचे 24 घंटे हो चुके है, प्रशासनिक मदद नहीं मिली है। वह उसके परिवार के लोग घर में अनाज न होने से भूखे हैं। जबकि घर में मौजूद बच्चों को बिस्कुट खिलाकर गुजर बसर हो रही है।
सुधीर ने बताया कि जब रिपोर्ट पाजिटिव आई थी, तब वह और परिजन परेशान हो गए थे। उसके पुत्र और पुत्री की दुआओं और उसके हौसले के चलते वह दोबारा घर पहुंच सका है। सुधीर ने बताया कि उन्हें किसी तरह का कोई अनाज नहीं दिया गया है। कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आने पर तिर्वा कन्नौज से घर पहुंचे युवक ने बताया कि परिजनों से बिछडऩे का दुख हुआ था।
उनके घर पहुंचने पर परिजनों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली है। बताया कि वह झांसी में बीफार्मा मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। परिजनों के साथ ईद अब अच्छी तरह से मनेगी। लोगों को भी यही कहना चाहता हूं कि कोरोना से घबराने की नहीं बल्कि हौसला रखने की जरुरत है। बताया कि जब अस्पताल में चिकित्सकों ने मदद की, रोजे का इंतजाम में अच्छे से किया। अस्पताल में जब रिपोर्ट निगेटिव आने की जानकारी मिली तो काफी खुशी हुई।
हालेपुर गांव निवासी कोरोना संक्रमित की दोबारा जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर वह परिजनों के पास तो पहुंच गया। परिजनों से मिलकर वह खुश है। लेकिन मंगलवार की शाम छह बजे तक उसे घर पहुंचे 24 घंटे हो चुके है, प्रशासनिक मदद नहीं मिली है। वह उसके परिवार के लोग घर में अनाज न होने से भूखे हैं। जबकि घर में मौजूद बच्चों को बिस्कुट खिलाकर गुजर बसर हो रही है।
सुधीर ने बताया कि जब रिपोर्ट पाजिटिव आई थी, तब वह और परिजन परेशान हो गए थे। उसके पुत्र और पुत्री की दुआओं और उसके हौसले के चलते वह दोबारा घर पहुंच सका है। सुधीर ने बताया कि उन्हें किसी तरह का कोई अनाज नहीं दिया गया है। कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आने पर तिर्वा कन्नौज से घर पहुंचे युवक ने बताया कि परिजनों से बिछडऩे का दुख हुआ था।
उनके घर पहुंचने पर परिजनों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली है। बताया कि वह झांसी में बीफार्मा मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। परिजनों के साथ ईद अब अच्छी तरह से मनेगी। लोगों को भी यही कहना चाहता हूं कि कोरोना से घबराने की नहीं बल्कि हौसला रखने की जरुरत है। बताया कि जब अस्पताल में चिकित्सकों ने मदद की, रोजे का इंतजाम में अच्छे से किया। अस्पताल में जब रिपोर्ट निगेटिव आने की जानकारी मिली तो काफी खुशी हुई।