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Corona In Kanpur: कोरोना पर कानपुर में लापरवाही, सीएम नाराज, ये निर्देश दिए
Thu, 08 Apr 2021 11:10 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 08 Apr 2021 11:10 AM IST
सार
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये लिया हालात का जायजा, बेहतर तैयारियों के निर्देश दिए
- मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के इंतजाम नाकाफी माने
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कानपुर: बिना मास्क निकल रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कानपुर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अफसरों को संक्रमण रोकने के लिए हर संभव उपाय अपनाने को कहा। साथ ही इस बात पर नाराजगी जताई कि जिले में कोविड गाइड लाइन का बेहतर तरीके से पालन नहीं रहा है।
मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के इंतजाम नाकाफी हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम अभी तक चालू नहीं किए गए हैं। जागरूकता के स्तर पर कार्ययोजना सफल नहीं दिख रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से कहाकि यदि एक दिन में सौ से ज्यादा केस आ रहे हैं तो वे रात्रि कर्फ्यू लगाने पर विचार कर सकते हैं।
इसके बाद देर रात जिलाधिकारी ने रात्रि कालीन कर्फ्यू की घोषणा कर दी। दरअसल कानपुर में बीते सात दिनों से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौतों में भी इजाफा हुआ है। उधर, हाईकोर्ट ने भी संक्रमण बढ़ने वाले जिलों में रात्रि कर्फ्यू पर विचार करने के लिए प्रदेश सरकार से कहा था। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर डा. राज शेखर, डीएम आलोक तिवारी, सीएमओ अनिल कुमार पांडेय, मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल आदि मौजूद रहे।
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मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के इंतजाम नाकाफी हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम अभी तक चालू नहीं किए गए हैं। जागरूकता के स्तर पर कार्ययोजना सफल नहीं दिख रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से कहाकि यदि एक दिन में सौ से ज्यादा केस आ रहे हैं तो वे रात्रि कर्फ्यू लगाने पर विचार कर सकते हैं।
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इसके बाद देर रात जिलाधिकारी ने रात्रि कालीन कर्फ्यू की घोषणा कर दी। दरअसल कानपुर में बीते सात दिनों से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौतों में भी इजाफा हुआ है। उधर, हाईकोर्ट ने भी संक्रमण बढ़ने वाले जिलों में रात्रि कर्फ्यू पर विचार करने के लिए प्रदेश सरकार से कहा था। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर डा. राज शेखर, डीएम आलोक तिवारी, सीएमओ अनिल कुमार पांडेय, मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल आदि मौजूद रहे।
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इलाज में कोताही न करें मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहाकि कोविड रोगी जैसे ही आए, उसे तुरंत भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया जाए जिससे मृत्यु दर पर रोक लगे। इलाज में कोई कोताही न हो। शासन की निगाह हैलट में भर्ती होने वाले कोविड रोगियों पर अधिक है।
रोगियों के अति गंभीर स्थिति में आने की वजह से पिछले साल यहां मृत्यु दर अधिक रही थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोविड रोगियों के लिए बेड की उपलब्धता बनाए रखें। आईसीयू और एचडीयू के बेड भी तैयार रखें। कॉंटैक्ट ट्रेसिंग के मामले में सख्ती बरतें। किसी व्यक्ति के संक्रमित आने के बाद उसकी कॉन्टैक्ट चेन का पता करके लोगों की जांच कराई जाए जिससे संक्रमण अधिक न फैलने पाए।
स्पेशल ट्रेनों से आ सकते हैं कोरोना संक्रमित
मुख्यमंत्री ने कहाकि आने वाले दिनों में अन्य राज्यों से स्पेशल ट्रेने आनी शुरू हो जाएंगी। इनमें दूसरे राज्यों में रोजी रोटी के लिए लोगों की बड़े पैमाने पर वापसी हो सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाली ट्रेनों में संक्रमित भी हो सकते हैं। इसलिए बस रेलवे स्टेशन पर एक एक यात्री की सघन जांच हो। यही प्रक्रिया बस और हवाई अड्डों पर अपनाई जाए। बाहर से आने वाले संक्रमितों को चिह्नित करके ही बीमारी को बढ़ने से रोक सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहाकि कोविड रोगी जैसे ही आए, उसे तुरंत भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया जाए जिससे मृत्यु दर पर रोक लगे। इलाज में कोई कोताही न हो। शासन की निगाह हैलट में भर्ती होने वाले कोविड रोगियों पर अधिक है।
रोगियों के अति गंभीर स्थिति में आने की वजह से पिछले साल यहां मृत्यु दर अधिक रही थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोविड रोगियों के लिए बेड की उपलब्धता बनाए रखें। आईसीयू और एचडीयू के बेड भी तैयार रखें। कॉंटैक्ट ट्रेसिंग के मामले में सख्ती बरतें। किसी व्यक्ति के संक्रमित आने के बाद उसकी कॉन्टैक्ट चेन का पता करके लोगों की जांच कराई जाए जिससे संक्रमण अधिक न फैलने पाए।
स्पेशल ट्रेनों से आ सकते हैं कोरोना संक्रमित
मुख्यमंत्री ने कहाकि आने वाले दिनों में अन्य राज्यों से स्पेशल ट्रेने आनी शुरू हो जाएंगी। इनमें दूसरे राज्यों में रोजी रोटी के लिए लोगों की बड़े पैमाने पर वापसी हो सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाली ट्रेनों में संक्रमित भी हो सकते हैं। इसलिए बस रेलवे स्टेशन पर एक एक यात्री की सघन जांच हो। यही प्रक्रिया बस और हवाई अड्डों पर अपनाई जाए। बाहर से आने वाले संक्रमितों को चिह्नित करके ही बीमारी को बढ़ने से रोक सकते हैं।