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सामान्य दवाओं से ही ठीक हो गया कोरोना का पहला मरीज, डिस्चार्ज के बाद 14 दिन घर में रहेगा क्वारंटीन
Mon, 06 Apr 2020 09:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 06 Apr 2020 09:44 PM IST
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सोमवार को अस्पताल से किया गया डिस्चार्ज, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने तालियां बजाकर दी विदाई
- फोटो : amar ujala
कानपुर में कोरोना का पहला मरीज सामान्य दवाओं से ठीक हो गया। सोमवार को अस्पताल से छुट्टी भी कर दी गई। वार्ड से बाहर आते समय डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने तालियां बजाकर हौसलाफजाई की। मरीज ने भी सेवा करने वाले डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और अस्पताल प्रशासन को धन्यवाद दिया।
एनआरआई सिटी के डायमंड टॉवर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग में 21 मार्च को कोरोना की पुष्टि हुई थी। उसी दिन उन्हें उर्सला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के एक रूम में भर्ती किया गया था। उन्हें खांसी, तेज बुखार के साथ ही शरीर में दर्द था।
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एनआरआई सिटी के डायमंड टॉवर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग में 21 मार्च को कोरोना की पुष्टि हुई थी। उसी दिन उन्हें उर्सला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के एक रूम में भर्ती किया गया था। उन्हें खांसी, तेज बुखार के साथ ही शरीर में दर्द था।
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उनका इलाज कर रहे उर्सला के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि उस समय उनके फेफड़े ठीक काम कर रहे थे। चेस्ट क्लियर था। उम्र के हिसाब से हार्ट, किडनी ठीक थे। उन्हें ऐसी स्थिति की गाइड लाइन के अनुसार एंटी वायरल दवाएं देने से ही काम चल गया।
बलगम, खांसी की वजह से कुछ एंटीबायोटिक दवाएं भी देनी पड़ीं, पर इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ी। ब्लड प्रेशर की दवाएं पहले से चल रही थीं। मरीज ने भी सहयोग किया। वह समय से दवाइयां खाते थे।
खाली समय में किताबें, अखबार पढ़ने के साथ ही मोबाइल के माध्यम से घर, परिवार से बातें करते रहते थे। लगातार दो बार उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। घर में भी उन्हें 14 दिन क्वारंटीन में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बलगम, खांसी की वजह से कुछ एंटीबायोटिक दवाएं भी देनी पड़ीं, पर इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ी। ब्लड प्रेशर की दवाएं पहले से चल रही थीं। मरीज ने भी सहयोग किया। वह समय से दवाइयां खाते थे।
खाली समय में किताबें, अखबार पढ़ने के साथ ही मोबाइल के माध्यम से घर, परिवार से बातें करते रहते थे। लगातार दो बार उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। घर में भी उन्हें 14 दिन क्वारंटीन में रहने के निर्देश दिए गए हैं।