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विटामिन डी की कमी कोरोना को बना देती घातक
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कानपुर। धूप से फ्री में मिलने वाला विटामिन डी कोरोना से बचाव का कवच है। इसकी कमी अगर नहीं है तो कोरोना संक्रमण घातक नहीं हो सकता। ज्यादातर कोरोना संक्रमितों में विटामिन डी की कमी रही है। इनको देते ही संक्रमित निगेटिव होने लगे। विटामिन डी की डोज का यह नुस्खा सीएचसी सरसौल और हैलट के कोरोना संक्रमित रोगियों पर आजमाया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के ताजा शोध से भी साबित है कि कोरोना के जिन संक्रमितों की मौत हुई है, उनमें विटामिन डी की कमी रही।
शहर में अब तक जितने रोगियों की मौत हुई है, उनमें 95 फीसदी पुराने रोगी रहे हैं। पुराने रोगियों में विटामिन, इंजाइम आदि की कमी रहती है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इससे कोरोना जानलेवा हो गया। यह इंडोनेशिया के एक शोध से साबित हुआ है। शहर के रोगियों के इलाज में विटामिन डी की कमी पूरा करने का नुस्खा आजमाया गया तो उससे फायदा मिला है। सीएचसी सरसौल के प्रभारी डॉ. एसएल वर्मा का कहना है कि रोगियों को विटामिन डी की 60 हजार आईयू की एक गोली सप्ताह में चबवाकर खिलाई गई। इससे फायदा मिला। उनका कहना है कि विटामिन शरीर में नहीं बनती। इन्हें बाहर से लेना पड़ता है।
ये शरीर के सुस्त अंगों को सक्रिय करने के लिए प्रेरक का काम करती हैं। कोरोना से बचाव में इसका फायदा मिलता है। हैैलट के चिकित्सा अधीक्षक सीनियर फिजिशियन डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि रोगियों को विटामिन डी-3 दी गई। दवा के साथ विटामिन डोज बढ़ाई गई। इससे फायदा मिला। जीएसवीएम मेडिकल कालेज इस संबंध में शोध भी कर रहा है।
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शहर में अब तक जितने रोगियों की मौत हुई है, उनमें 95 फीसदी पुराने रोगी रहे हैं। पुराने रोगियों में विटामिन, इंजाइम आदि की कमी रहती है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इससे कोरोना जानलेवा हो गया। यह इंडोनेशिया के एक शोध से साबित हुआ है। शहर के रोगियों के इलाज में विटामिन डी की कमी पूरा करने का नुस्खा आजमाया गया तो उससे फायदा मिला है। सीएचसी सरसौल के प्रभारी डॉ. एसएल वर्मा का कहना है कि रोगियों को विटामिन डी की 60 हजार आईयू की एक गोली सप्ताह में चबवाकर खिलाई गई। इससे फायदा मिला। उनका कहना है कि विटामिन शरीर में नहीं बनती। इन्हें बाहर से लेना पड़ता है।
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ये शरीर के सुस्त अंगों को सक्रिय करने के लिए प्रेरक का काम करती हैं। कोरोना से बचाव में इसका फायदा मिलता है। हैैलट के चिकित्सा अधीक्षक सीनियर फिजिशियन डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि रोगियों को विटामिन डी-3 दी गई। दवा के साथ विटामिन डोज बढ़ाई गई। इससे फायदा मिला। जीएसवीएम मेडिकल कालेज इस संबंध में शोध भी कर रहा है।
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