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Corona In Kanpur: प्लाज्मा से सुधरी आक्सीजन, रोगी आईसीयू से बाहर, पांच और रोगियों की सुधर रही है हालत
Sat, 08 Aug 2020 09:15 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 08 Aug 2020 09:15 AM IST
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
प्लाज्मा थेरेपी का एक और रोगी पर असर देखने को मिला है। न्यूरो साइंसेस के कोविड अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती श्यामनगर की 38 साल की रोगी की प्लाज्मा थेरेपी के बाद हालत सुधरी है। उसे आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
पहले आठ लीटर आक्सीजन प्रति मिनट पर उसका सेच्युरेशन 94 प्रतिशत के नीचे आ रहा था और प्लाज्मा थेरेपी के बाद अब चार लीटर आक्सीजन प्रति मिनट पर सेच्युरेशन 98 प्रतिशत पर आ गया है। अब और भी कोरोना विजेता प्लाज्मा डोनेशन के लिए आगे आ रहे हैं।
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पहले आठ लीटर आक्सीजन प्रति मिनट पर उसका सेच्युरेशन 94 प्रतिशत के नीचे आ रहा था और प्लाज्मा थेरेपी के बाद अब चार लीटर आक्सीजन प्रति मिनट पर सेच्युरेशन 98 प्रतिशत पर आ गया है। अब और भी कोरोना विजेता प्लाज्मा डोनेशन के लिए आगे आ रहे हैं।
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अमर उजाला और मेडिकल कालेज की पहल पर कोरोना विजेताओं से अपील की जा रही है कि वे दूसरे कोरोना रोगियों की जान बचाने के लिए आगे आएं। चार महीने तक अगर वह प्लाज्मा दान करेंगे तो उससे किसी रोगी की जान बच जाएगी। अगर रोगी को निमोनिया की शुरुआत में जब सांस की तकलीफ बढ़ती है उस वक्त प्लाज्मा चढ़ा दिया जाए तो वह गंभीर नहीं होता है और जान बच जाती है।
अगर रोगी गंभीर हो गया और उसके दोनों फेफड़ों को निमोनिया ने अपनी गिरफ्त में ले लिया तो फिर जान बचानी मुश्किल होती है। अभी तक आठ रोगियों को प्लाज्मा दिया गया है। इनमें दो रोगी अति गंभीर स्थिति में रहे, प्लाज्मा चढ़ाने के कुछ घंटों के बाद उनकी मौत हो गई।
लेकिन छह रोगियों को समय से प्लाज्मा मिल गया, वे अब ठीक हो रहे हैं। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने कोरोना विजेताओं से अपील की है कि समय रहते प्लाज्मा दान करें जिससे सही समय पर रोगी को थेरेपी दे दी जाए और उनकी जान बचाई जा सके।
अगर रोगी गंभीर हो गया और उसके दोनों फेफड़ों को निमोनिया ने अपनी गिरफ्त में ले लिया तो फिर जान बचानी मुश्किल होती है। अभी तक आठ रोगियों को प्लाज्मा दिया गया है। इनमें दो रोगी अति गंभीर स्थिति में रहे, प्लाज्मा चढ़ाने के कुछ घंटों के बाद उनकी मौत हो गई।
लेकिन छह रोगियों को समय से प्लाज्मा मिल गया, वे अब ठीक हो रहे हैं। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने कोरोना विजेताओं से अपील की है कि समय रहते प्लाज्मा दान करें जिससे सही समय पर रोगी को थेरेपी दे दी जाए और उनकी जान बचाई जा सके।