{"_id":"5ea3367f8ebc3e9046021745","slug":"corona-hailet-kanpur-ramadevi-news-knp556884193","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेस्ट हॉस्पिटल से भागा मरीज बिहार में कोरोना पॉजिटिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेस्ट हॉस्पिटल से भागा मरीज बिहार में कोरोना पॉजिटिव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉ. मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल से भागा मरीज बिहार में कोरोना पॉजिटिव निकला है। यह मरीज 11 से 17 अप्रैल तक अस्पताल में रहा। इसके बाद बिना बताए निकल गया। इस खबर से चेस्ट हॉस्पिटल में खलबली मच गई है। यहां के डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और कर्मचारियों के नमूने लिए गए हैं। अस्पताल से भागने वाला मरीज यहां सात दिन तक रहा और इस दौरान वह दूसरे मरीजों के तीमारदारों के भी संपर्क में आया।
आरा, बिहार में जांच के बाद इस मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसकी सूचना जब पुलिस के जरिए अस्पताल प्रबंधन को हुई तो उसके बारे में पता लगाया गया। इस 22 साल के मरीज को लावारिस के रूप में भर्ती कराया गया था। जांच में उसमें टीबी की पुष्टि हुई थी। सांस और चेस्ट संक्रमण के रोगियों का अस्पताल होने से यहां कोरोना संक्रमण केघातक होने का खतरा है।
सीएमएस डॉ. एनसी त्रिपाठी के मुताबिक पूरेे अस्पताल को सैनिटाइज कराया गया है। साथ ही 27 लोगों के लार के नमूने जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस रोगी के साथ तब वार्ड में 25 मरीज भर्ती थे। इनमें से कुछ डिस्चार्ज हो गए हैं। इन सभी मरीजों और उनके तीमारदारों का ब्योरा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरा, बिहार में जांच के बाद इस मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसकी सूचना जब पुलिस के जरिए अस्पताल प्रबंधन को हुई तो उसके बारे में पता लगाया गया। इस 22 साल के मरीज को लावारिस के रूप में भर्ती कराया गया था। जांच में उसमें टीबी की पुष्टि हुई थी। सांस और चेस्ट संक्रमण के रोगियों का अस्पताल होने से यहां कोरोना संक्रमण केघातक होने का खतरा है।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. एनसी त्रिपाठी के मुताबिक पूरेे अस्पताल को सैनिटाइज कराया गया है। साथ ही 27 लोगों के लार के नमूने जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस रोगी के साथ तब वार्ड में 25 मरीज भर्ती थे। इनमें से कुछ डिस्चार्ज हो गए हैं। इन सभी मरीजों और उनके तीमारदारों का ब्योरा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है।
विज्ञापन