{"_id":"5f0f648a8ebc3e636902a984","slug":"corona-akbarpur-news-knp571400230","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना संक्रमण से जिले में पहली मौत, संपर्क में आए 53 लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना संक्रमण से जिले में पहली मौत, संपर्क में आए 53 लोग
विज्ञापन
भदेसा गांव में गली सील कराते लेखपाल।
- फोटो : AKBARPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात/सरवनखेड़ा। भदेसा गांव निवासी एक किसान की मंगलवार रात कानपुर के एक निजी अस्पताल मेें मौत हो गई। परिजन उसका शव घर ले आए और बुधवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद किसान की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिली। बताया गया कि कोरोना से किसान की मौत हुई है। शव यात्रा में शामिल 53 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इससे पहले सैनिटाइजर पीने से झारखंड निवासी प्रवासी मजदूर की सैनिटाइजर पीने से मौत हो गई थी। जिला अस्पताल महिला में भर्ती एक प्रसूता भी संक्रमित निकली है। अब जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 77 पहुंच गई है। इनमें 52 प्रवासी हैं।
सरवनखेड़ा के भदेसा गांव निवासी 42 वर्षीय किसान को तेज बुखार आने पर परिजनों ने नबीपुर स्थित एक क्लीनिक में दिखाया था। आराम न मिलने पर उसे 12 जुलाई को कानपुर के हैलट में भर्ती कराया गया। कोरोना के लक्षण मिलने पर 13 जुलाई को उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। हालत में सुधार न होने पर मंगलवार को परिजन हैलट से रेफर कराकर उसे कानपुर के ही एक निजी नर्सिंग होम ले गए। वहां किसान की मौत हो गई। परिजन शव लेकर वापस भदेसा गांव आ गए। बुधवार की सुबह मूसानगर में यमुना किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसी दौरान कानपुर मेडिकल कालेज से किसान के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट सीएमओ को दी गई। इससे हड़कंप मच गया। सदर एसडीएम आनंद कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए दिनेश यादव, एडीओ पंचायत अमिता मिश्र स्वास्थ्य टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के घर जाने वाले तीन रास्तों पर बैरीकेडिंग लगाकर सील कराया। गलियों को सैनिटाइज कराया गया है।
सरवनखेड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि मृतक के संपर्क में रहे परिवार व गांव के 31 और बाहर से आए 22 लोगों को चिह्नित किया गया है। गुरुवार को सभी के सैंपल लिए जाएंगे। उधर, जिला अस्पताल महिला अकबरपुर में भर्ती राजपुर के भाल गांव निवासी प्रसूता की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिला संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. यतेंद्र शर्मा ने बताया कि राजपुर से रेफर होकर आई प्रसूता 10 जुलाई से महिला अस्पताल में भर्ती है। 14 जुलाई को उसने बेटे को जन्म दिया है। मंगलवार को ही उसकी जिला अस्पताल पुरुष में ट्रूनेट मशीन से जांच की गई थी। इसमें प्रसूता के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। उसे कानपुर हैलट अस्पताल भेजा गया है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल का कर्मी भी होगा क्वारंटीन
कानपुर देहात। भदेसा गांव निवासी किसान की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद संपर्क मेें रहे लोगों का बुधवार को ब्योरा खंगाला गया। इसमे सामने आया है कि पूर्व में किसान ने बुखार आने पर अकबरपुर क्षेत्र के नबीपुर स्थित एक क्लीनिक में दिखाया था। इसमें जिला अस्पताल पुरुष का एक कर्मचारी काम करता था। उसे क्वारंटीन कराने के लिए कहा गया है।
संक्रमित की अंत्येष्टि में शामिल 15 लोग क्वारंटीन
रसूलाबाद। फर्रुखाबाद में कोरोना पॉजिटिव सास की अंत्येष्टि क्रिया में शामिल होने गए रसूलाबाद के एक आढ़त व्यवसायी के 15 परिवारियों को होम क्वारंटीन किया गया है। एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि एक आढ़त व्यवसायी की सास की फर्रुखाबाद में 12 जुलाई को मौत हो गई थी। उनकी अंत्येष्टि में व्यवसायी, पत्नी, बच्चे, उसके तीन भाई मेडिकल स्टोर संचालक, वस्त्र विक्रेता, किराना व्यवसायी व उनका एक साथी शामिल होने गए थे। सास की मौत के बाद रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। रसूलाबाद से गए लोग शव के संपर्क में रहे हैं। इस पर सभी 15 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
विज्ञापन
सरवनखेड़ा के भदेसा गांव निवासी 42 वर्षीय किसान को तेज बुखार आने पर परिजनों ने नबीपुर स्थित एक क्लीनिक में दिखाया था। आराम न मिलने पर उसे 12 जुलाई को कानपुर के हैलट में भर्ती कराया गया। कोरोना के लक्षण मिलने पर 13 जुलाई को उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। हालत में सुधार न होने पर मंगलवार को परिजन हैलट से रेफर कराकर उसे कानपुर के ही एक निजी नर्सिंग होम ले गए। वहां किसान की मौत हो गई। परिजन शव लेकर वापस भदेसा गांव आ गए। बुधवार की सुबह मूसानगर में यमुना किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसी दौरान कानपुर मेडिकल कालेज से किसान के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट सीएमओ को दी गई। इससे हड़कंप मच गया। सदर एसडीएम आनंद कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए दिनेश यादव, एडीओ पंचायत अमिता मिश्र स्वास्थ्य टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के घर जाने वाले तीन रास्तों पर बैरीकेडिंग लगाकर सील कराया। गलियों को सैनिटाइज कराया गया है।
विज्ञापन
सरवनखेड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि मृतक के संपर्क में रहे परिवार व गांव के 31 और बाहर से आए 22 लोगों को चिह्नित किया गया है। गुरुवार को सभी के सैंपल लिए जाएंगे। उधर, जिला अस्पताल महिला अकबरपुर में भर्ती राजपुर के भाल गांव निवासी प्रसूता की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिला संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. यतेंद्र शर्मा ने बताया कि राजपुर से रेफर होकर आई प्रसूता 10 जुलाई से महिला अस्पताल में भर्ती है। 14 जुलाई को उसने बेटे को जन्म दिया है। मंगलवार को ही उसकी जिला अस्पताल पुरुष में ट्रूनेट मशीन से जांच की गई थी। इसमें प्रसूता के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। उसे कानपुर हैलट अस्पताल भेजा गया है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल का कर्मी भी होगा क्वारंटीन
कानपुर देहात। भदेसा गांव निवासी किसान की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद संपर्क मेें रहे लोगों का बुधवार को ब्योरा खंगाला गया। इसमे सामने आया है कि पूर्व में किसान ने बुखार आने पर अकबरपुर क्षेत्र के नबीपुर स्थित एक क्लीनिक में दिखाया था। इसमें जिला अस्पताल पुरुष का एक कर्मचारी काम करता था। उसे क्वारंटीन कराने के लिए कहा गया है।
संक्रमित की अंत्येष्टि में शामिल 15 लोग क्वारंटीन
रसूलाबाद। फर्रुखाबाद में कोरोना पॉजिटिव सास की अंत्येष्टि क्रिया में शामिल होने गए रसूलाबाद के एक आढ़त व्यवसायी के 15 परिवारियों को होम क्वारंटीन किया गया है। एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि एक आढ़त व्यवसायी की सास की फर्रुखाबाद में 12 जुलाई को मौत हो गई थी। उनकी अंत्येष्टि में व्यवसायी, पत्नी, बच्चे, उसके तीन भाई मेडिकल स्टोर संचालक, वस्त्र विक्रेता, किराना व्यवसायी व उनका एक साथी शामिल होने गए थे। सास की मौत के बाद रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। रसूलाबाद से गए लोग शव के संपर्क में रहे हैं। इस पर सभी 15 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।