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Corona Active Case In Kanpur: छह नए संक्रमित मिले, ठीक हो रही है कोरोना रोगियों की फाइब्रोसिस
Mon, 15 Mar 2021 09:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 15 Mar 2021 09:03 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के छह नए संक्रमित मिले हैं। ये सिविल लाइंस, तिलकनगर, कोयला नगर, यशोदानगर, विनोबा नगर और धनकुट्टी के रहने वाले हैं। अब नगर के कुल संक्रमितों की संख्या 33106 हो गई है। इनमें 32196 ठीक हो गए हैं। 71 एक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कोरोना संदिग्ध 3267 लोगों के सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
कोरोना संक्रमण से रोगियों के फेफड़ों में होने वाली फाइब्रोसिस को लेकर चिंतित चेस्ट फिजीशियन ने राहत की सांस ली है। विशेषज्ञों ने बताया कि रोगियों की फाइब्रोसिस ठीक हो रही है। इससे आक्सीजन सेच्युरेशन में सुधार हुआ है। इन रोगियों को अब कोरोना के सेकेंड अटैक से बचने की जरूरत है।
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कोरोना संक्रमण से रोगियों के फेफड़ों में होने वाली फाइब्रोसिस को लेकर चिंतित चेस्ट फिजीशियन ने राहत की सांस ली है। विशेषज्ञों ने बताया कि रोगियों की फाइब्रोसिस ठीक हो रही है। इससे आक्सीजन सेच्युरेशन में सुधार हुआ है। इन रोगियों को अब कोरोना के सेकेंड अटैक से बचने की जरूरत है।
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कोरोना रोगियों के फेफड़ों की फाइब्रोसिस ठीक होने का खुलासा हुआ है उनकी एक्सरे रिपोर्ट से। इनमें ज्यादातर रोगियों का इलाज हैलट के न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल में हुआ। कुछ का इलाज कोविड स्टेट्स वाले निजी अस्पतालों में हुआ। अब फॉलोअप में चेस्ट फिजीशियन के यहां आ रहे हैं।
तीन सौ एक्सरे रिपोर्ट में दो सौ रोगी ऐसे थे, जिनमें फाइब्रोसिस ने अपनी जगह बना ली थी। फेफड़ों का एक हिस्सा सख्त होकर सिकुड़ रहा था। हालांकि लगातार इलाज के बाद फाइब्रोसिस साफ हो गई है। इसी फाइब्रोसिस को लेकर विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय फोरम ने चिंता जताई थी।
सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. एसके कटियार ने बताया कि कई रोगी बहुत खराब स्थिति में आए थे, लेकिन उनकी फाइब्रोसिस ठीक हो गई है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार का कहना है कि उनके पास जो रोगी थी, उनकी फाइब्रोसिस तीन महीने में ठीक हो गई है। उनसे एहतियात बरतने के लिए कहा गया है।
तीन सौ एक्सरे रिपोर्ट में दो सौ रोगी ऐसे थे, जिनमें फाइब्रोसिस ने अपनी जगह बना ली थी। फेफड़ों का एक हिस्सा सख्त होकर सिकुड़ रहा था। हालांकि लगातार इलाज के बाद फाइब्रोसिस साफ हो गई है। इसी फाइब्रोसिस को लेकर विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय फोरम ने चिंता जताई थी।
सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. एसके कटियार ने बताया कि कई रोगी बहुत खराब स्थिति में आए थे, लेकिन उनकी फाइब्रोसिस ठीक हो गई है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार का कहना है कि उनके पास जो रोगी थी, उनकी फाइब्रोसिस तीन महीने में ठीक हो गई है। उनसे एहतियात बरतने के लिए कहा गया है।