धर्मांतरण प्रकरण: बस्तियों में लोगों को 40 हजार नकद देकर कराया गया धर्म परिवर्तन, पूछताछ में हुआ खुलासा
ईसाई धर्म अपनाने के लिए हिंदू धर्म के लोगों को लालच देकर प्रेरित करने वालों का सिंडीकेट शहरभर में अपनी पकड़ा बना चुका है। उनके निशाने पर खासकर बस्तियों में या कम पढ़े लिखे हिंदू धर्म के लोग हैं, जिन्हें आसानी से बरगलाकर उनका धर्मांतरण कराया जा सकता था। बस्तियों में तो मात्र 40 हजार नकदी का लालच देकर दर्जनों लोगों का धर्मांतरण करा दिया गया।
इसका खुलासा चकेरी से धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए रजत व अभिजीत ने किया। बीते पांच मार्च को पुलिस ने चकेरी के चाणक्यपुरी में धर्मांतरण के बड़े सिंडीकेट का भंडाफोड़ किया था। हिंदू धर्म के लोगों को ऐशोआराम की जिंदगी का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों का धर्मांतरण कराने के साक्ष्य मिले थे। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। इधर एनआईए व एसटीएफ भी मामले की पड़ताल में जुटी है। जेल भेजे गए आरोपियों से हुई पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
सात में से तीन खातों में मिले विदेशी फंडिंग के साक्ष्य
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में सात बैंक खातों का पता चला। पड़ताल में पता चला कि इनमें से तीन खातों में विदेश से फंडिंग की गई थी। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि विदेशों से कोलकाता की मिशनरियों को मोटी रकम भेजी गई थी। इसके बाद कोलकाता से रकम को रजत व अभिजीत के खातों में ट्रांसफर की गई। इस रकम का इस्तेमाल लोगों को धर्मांतरण के लिए लालच देने में किया जा रहा था। गंगामेला के बाद एक टीम को कोलकाता रवाना किया जाएगा।
काकादेव और घाटमपुर में धर्मांतरण कराने वाले भी जांच की जद में
सात जनवरी वर्ष 2022 को काकादेव स्थित राजापुरवा बस्ती में एक परिवार की बहू ने ससुरालीजनों पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की थी। पुलिस की जांच में पता चला कि बस्ती में रहने वाले कई लोगों ने पनकी स्थित चर्च में रहने वाले एक पादरी के बहकावे में आकर अपना धर्मांतरण कर लिया था। इसी तरह बीते साल आठ नवंबर को घाटमपुर में भी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हिंदू धर्म के लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण कराने का आरोप लगा पादरी समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चकेरी में मामला मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां पुराने मामलों का भी आपसी कनेक्शन खंगालने में लग गई हैं।