धर्मांतरण प्रकरण: शुआट्स से जुड़ रहे कानपुर के तार, दोनों आरोपियों के वीसी के संपर्क में होने की आशंका
ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि धर्मपरिवर्तन मामले में मुंबई से कुछ अहम कनेक्शन मिले हैं। जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है। यह एक बड़ा गिरोह है। इसमें जो लोग शामिल हैं और जिनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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कानपुर में चकेरी के चाणक्यपुरी स्थित फ्लैट में चल रहे धर्मांतरण के खेल के तार शुआट्स से भी जुड़ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार धर्मांतरण के आरोप में पकड़े गए अभिजीत और रजत प्रयागराज स्थित यूनिवर्सिटी शुआट्स (सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय) के कुलपति आरबी लाल और कुछ अधिकारियों के संपर्क में थे।
सूत्रों के अनुसार 40 दिन की प्रक्रिया पूरी कराए जाने के बाद लोगों को धर्मांतरण के लिए शुआट्स में बने ईशु दरबार में ले जाया जाता था। जांच में यह भी पता चला है कि जिन विदेशी बैंक खातों से शुआट्स को फंडिंग होती थी, उनमें से कुछ खातों से अभिजीत और रजत को भी पैसा भेजा गया है। चकेरी में धर्मांतरण का खेल सामने आने के बाद पुलिस को फतेहपुर से भी इस मामले में कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनसे आने वाले समय में बड़ा खुलासा हो सकता है।
इसी कारण पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी मामले की तह तक जाने के लिए जल्द ही एक अलग टीम गठित करेंगे।
रजिस्टर में मिले कई नाम, सत्यापन शुरू
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जेल भेजे गए आरोपियों के पास से कई किताबें, रजिस्टर, लैपटॉप व अन्य सामान बरामद किया था। रजिस्टर में कई लोगों के नाम मिले हैं। आशंका है कि इनका धर्मांतरण कराया गया है। पुलिस सत्यापन कराने में जुट गई है।
अप्रैल 2022 में फतेहपुर जिले के ललौली कस्बे में धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस को करोड़ों की विदेशी फंडिंग के सुबूत मिले थे। 72 ऐसे खातों का पता चला था, जिसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन से रुपये आते थे। शुआट्स के बोर्ड मेंबर डॉ. आइजेक फ्रैंक ने भी आरोप लगाया था कि प्रबंधन ने धर्मपरिवर्तन के लिए विदेशी फंडिंग ली थी। कई दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे थे। पुलिस ने शुआट्स के वीसी आरबी लाल समेत चार लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वे नहीं आए थे। इसके बाद सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
धर्मपरिवर्तन के नाम पर जो पवित्र जल लोगों के ऊपर डाला जाता था, वह मुंबई से आता था। इसके बाद पुलिस की जांच अब मुंबई की तरफ भी डायवर्ट हुई है। जांच मेें पता चला कि जेल भेजे गए रजत का एक भाई मुंबई में धर्मपरिवर्तन कराता है। धर्मपरिवर्तन कराने से पहले आरोपी पवित्र जल से शुद्धि कराते थे। यह पवित्र जल मुंबई से सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जल छोटी शीशियों में कानपुर लाया जाता था। इसे कोरियर के जरिये नहीं बल्कि विशेष लोग खुद लेकर आते थे। 15 शीशियों से सात ड्रम पवित्र जल तैयार किया जाता था।
धर्मपरिवर्तन मामले में मुंबई से कुछ अहम कनेक्शन मिले हैं। जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है। यह एक बड़ा गिरोह है। इसमें जो लोग शामिल हैं और जिनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट सीपी