फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Confusion became the reason for the defeat of SP

भितरघात बनी सपा के हार की वजह

Sun, 04 Jul 2021 01:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 01:21 AM IST
विज्ञापन
Confusion became the reason for the defeat of SP
कानपुर देहात। जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर सपा प्रत्याशी राम सिंह को केवल पांच मत ही मिले। यह तब है जब सपा के 11 सदस्य निर्वाचित हुए थे। सपा प्रत्याशी पहले ही पार्टी नेताओं पर भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। शनिवार को हार मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर ठीकरा भितरघातियों पर फोड़ा है।
विज्ञापन

त्रिस्तीय पंचायत चुनाव में 32 सीटों पर निर्वाचन हुआ। इसमें 11 सदस्य सपा के, भाजपा के चार, बसपा के छह और 11 सदस्य निर्दलीय हैं। इसमें कई ऐसे हैं जो सपा से टिकट न मिलने पर भी निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए, बाद में वह सपा के साथ हो लिए।
विज्ञापन

निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह यादव भी निर्दलीय जीते और बाद में सपा से उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाया गया। भितरघात से मिली हार पर सपा प्रत्याशी का दर्द सोशल मीडिया पर भी छलका। उन्होंने इसको लेकर टिप्पणी की। हार स्वीकार कर राम सिंह यादव ने कहा कि भितरघात की वजह से सपा की हार हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

बसपा के पांच सदस्यों ने भी किया वोट
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए शनिवार को 31 सदस्यों ने मतदान किया। जजमुइया सीट से जीते बसपा के बृजेंद्र त्रिवेदी उर्फ बउवा ने मतदान नहीं किया। जिले में बसपा के छह सदस्य हैं। इससे साफ है कि बसपा के पांच सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मतदान किया।
बैरियर लगाकर हुई सघन जांच
कलक्ट्रेट में अकबरपुर रोड तिराहा व झांसी कानपुर हाईवे के गेट पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही। हर आने जाने वालों से पूछताछ की गई। अकबरपुर रोड तिराहा गेट पर लगे बैरियर से केवल मतदाताओं को जाने की छूट दी। मीडिया कर्मियों व अन्य को दूसरे गेट से पैदल जाने दिया गया। वाहनों के प्रवेश को लेकर लोगों की पुलिस कर्मियों से कई बार नोंकझोंक भी हुई। (संवाद)
कॉपरेटिव बैंक निदेशक पद से शुरुआत, अब जिपं अध्यक्ष
कानपुर देहात। भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले के छोटे भाई राजेंद्र सिंह की पत्नी नीरज रानी ने पहली बार पंचायत चुनाव में भाग्य आजमाया है। वह परजनी सीट से जिला पंचायत सदस्य बनी। इसके बाद शनिवार को 26 मत पाकर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई। नीरज रानी पूर्व में उप्र कॉपरेटिव बैंक की निदेशक रही हैं। वह हाईस्कूल तक पढ़ी हैं। इनके पति राजेंद्र सिंह राजू मौजूदा समय में उप्र कॉपरेटिव बैंक के निदेशक हैं।

समर्थकों ने कलक्ट्रेट गेट पर ही बांटी मिठाई
नीरज रानी के प्रमाण पत्र लेकर डीएम कार्यालय के बाहर निकलने पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले भी साथ थे। इसी बीच समर्थकों की भीड़ पहुंच गई। जीत की खुशी में समर्थकों ने यहां मिठाई बांटना शुरू कर दिया। हालांकि सांसद ने चुनाव पांडाल में मिठाई बांटने की बात कही तब जाकर समर्थक माने। वहीं नीरज रानी का समर्थकों ने चुनाव पांडाल में स्वागत किया। यहां 11 किलो की माला पहनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed